Friday , October 20 2017
Home / India / मर्कज़ वफ़ाक़ी ढांचा को तबाह करने के दर पे

मर्कज़ वफ़ाक़ी ढांचा को तबाह करने के दर पे

लोक सभा में आज वफ़ाक़ीयत के मसला पर ज़बरदस्त एहतिजाज और हंगामा आराई हुई जहां कांग्रेस को अपने हलीफ़ों और हरीफ़ दोनों की सख़्त तन्क़ीदों का सामना करना पड़ा। एएन सी टी सी के मसला पर मर्कज़ को शदीद हदफ़ तन्क़ीद बनाते हुए यू पी ए की कलीदी हलीफ

लोक सभा में आज वफ़ाक़ीयत के मसला पर ज़बरदस्त एहतिजाज और हंगामा आराई हुई जहां कांग्रेस को अपने हलीफ़ों और हरीफ़ दोनों की सख़्त तन्क़ीदों का सामना करना पड़ा। एएन सी टी सी के मसला पर मर्कज़ को शदीद हदफ़ तन्क़ीद बनाते हुए यू पी ए की कलीदी हलीफ़ तृणमूल कांग्रेस ने फ़िलफ़ौर इस तजवीज़ से दसतबरदारी का मुतालिबा किया ।

सदर जमहूरीया के ख़ुत्बा पर तहरीक तशक्कुर पर मुबाहिस के दौरान असल अपोज़ीशन बी जे पी के इलावा समाजवादी पार्टी जो यू पी ए की बाहर से ताईद कर रही है, हुकूमत पर सख़्त नुक्ता चीनी की। कल्याण बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस) ने इस मौक़ा पर क़र्ज़ के बोझ से दो-चार मग़रिबी बंगाल के लिए ख़ातिरख्वाह मालियती पैकेज का मुतालिबा किया। एन सी टी सी का मसला उस वक़्त ज़ेर ए बहस आया जब वज़ीर दाख़िला पी चिदम़्बरम ने क़ब्ल अज़ीं दिन में इवान को बताया था कि इसका क़ियाम इंतिहाई ज़रूरी है और ये वफ़ाक़ी ढांचा पर हमला नहीं है।

दूसरी तरफ़ कांग्रेस ने बी जे पी के दोहरे मीआर पर तन्क़ीद की और कहा कि जिन रियासतों में बी जे पी की हुक्मरानी है वहां इस का हक़ीक़ी चेहरा बेनकाब हो चुका है। राजनाथ सिंह (बी जे पी) ने कहा कि यू पी ए हुकूमत इत्तेफ़ाक़ राय पैदा करने की कोशिश के बजाय रियासतों के साथ महाज़ आराई का रवैय्या इख्तेयार किए हुए है। उन्होंने कहा कि हुकूमत की ज़हनियत ये बन चुकी है कि वो अपोज़ीशन जमातों की मुसबत तजावीज़ को भी कुबूल करने के लिए आमादा नहीं है। शलेंद्र कुमार (एस पी) ने कहा कि इनकी पार्टी एन सी टी सी की मुख़ालिफ़त करती है ।

अनंत गीते (शिव सेना) ने ये जानना चाहा कि अफ़ज़ल गुरु और अजमल क़स्साब जैसे दहश्तगर्दों को यू पी ए हुकूमत सज़ा क्यों नहीं दे रही है। कल्याण बनर्जी जिन की तृणमूल कांग्रेसी यू पी ए में दूसरी सबसे बड़ी हलीफ़ है, सदर जमहूरीया के ख़ुत्बा में एन सी टी सी के मसला पर तरमीम की तजवीज़ पेश की ।

उन्होंने कहा कि मर्कज़ इस मुआमला में रियासतों के हुक़ूक़ सल्ब करने की कोशिश कर रहा है और इससे पहले लोक पाल-ओ-लोक आयुक़्त बिल के मसला पर भी यही कुछ देखने आया । उन्होंने बताया कि एन सी टी सी से मुल्क का वफ़ाक़ी ढांचा मुंतशिर हो जाएगा। इस तरह की स्कीम (एन सी टी सी) नहीं पेश की जानी चाहीए और उन्होंने फ़िलफ़ौर दस्तबरदारी का मुतालिबा किया।

सीनीयर कांग्रेस लीडर गिरजा व्यास ने दूसरी तरफ़ बी जे पी दोहरे मीआर पर तन्क़ीद की और कहा कि जिन रियासतों में ये पार्टी इक़्तेदार है वहां इस का हक़ीक़ी चेहरा बेनकाब हो चुका है । उन्होंने बताया कि कांग्रेस ज़ेर क़ियादत यू पी ए हुकूमत लोक पाल बिल और दीगर क़वानीन जो करप्शन से मुताल्लिक़ हैं, उनकी मंज़ूरी के लिए पाबंद अह्द है लेकिन अपोज़ीशन जमाअतें हुकूमत के साथ तआवुन नहीं कर रही है ।

उन्होंने कहा कि हुकूमत महंगाई पर भी काफ़ी तशवीश है और इस सूरत-ए-हाल से निमटने के लिए बाअज़ इक़्दामात किए गए जिससे इफ़रात-ए-ज़र की शरह कम हुई । क़बल अज़ीं वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम ने आज लोक सभा में ज़ोर दे कर कहा कि एन सी टी सी का क़ियाम क़तई तौर पर लाज़िमी है, इससे वफ़ाक़ी ढांचा पर कोई आंच नहीं आएगी।

उन्होंने कहा कि बाअज़ रियास्तों ने इस क़ानूनी इदारा की बाअज़ दफ़आत पर एतराज़ किया है, इस इदारा के क़ियाम के हक़ में जो अहम बातें हैं इस की मुख़ालिफ़त की जा रही है। ऐवान में वकफ़ा-ए-सवालात के दौरान अरकान ने मौजूदा शक्ल एन सी टी सी के क़ियाम पर तशवीश ज़ाहिर की है । ये भी सवाल उठाया जा रहा है कि आख़िर वफ़ाक़ी ढांचा पर ज़रब पहुंचाते हुए रियास्तों के इख्तेयारात किस तरह छीन लिए जाऐंगे।

इन अंदेशों को दूर करते हुए मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम ने कहा कि इस मसला पर ( पार्लीमेंट के अंदर और बाहर ) बहस की जा सकती है और रियास्तों की तजावीज़ का जायज़ा लेने के बाद ही एन सी टी सी नाफ़िज़ उल-अमल हो सकेगा। मेरा ईक़ान है कि एन सी टी सी का क़ियाम नागुज़ीर हो चुका है।

कई रियास्तों ने इसकी हिमायत की है, मैं ये यक़ीन नहीं करता कि इससे वफ़ाक़ी ढांचा पर आंच आएगी। जिन रियास्तों को एन सी टी सी के बारे में जो तशवीश है इसमें चंद तब्दीलीयां की जाएंगी। वज़ीर-ए-दाख़िला ने मज़ीद कहा कि कल मुनाक़िदा चीफ़ सेक्रेटरीज़ और डी जी पेज के इजलास में एन सी टी सी के मसला पर ही ग़ौर किया गया। चीफ़ मिनिस़्टरों के इजलास में भी इस पर ग़ोरोग़ोज़ किया जाएगा।

ये इजलास रियास्तों में असेंबली इंतेख़ाबात के बाइस मुल्तवी कर दिया गया था, अब ये इजलास 16अप्रैल को मुनाक़िद होगा। मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला चिदम़्बरम ने एक अख़बार में शाय रिपोर्ट की तरदीद की कि मर्कज़ी मोतमिद दाख़िला ने कल के मुनाक़िदा इजलास में चीफ़ सेक्रेटरीज़ और डी जी पेज से कहा है कि वो अपनी रियास्ती हुकूमतों के स्टेनो ग्राफ़र्स की तरह काम ना करें, इस मसला को अपोज़ीशन लीडर सुषमा स्वराज ने ऐवान में उठाया।

TOPPOPULARRECENT