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मलाऊन सलमान रुशदी के दौरा हिंदूस्तान के इमकानात मौहूम

नई दिल्ली, १८ जनवरी (पी टी आई) मलाऊन मुसन्निफ़ सलमान रुशदी जयपुर अदबी फेस्टिवल के इफ़्तिताही सेशन में शिरकत नहीं करेगा। इस के दौरा हिंद के ताल्लुक़ से गैर यक़ीनी कैफ़ियत पैदा हो गई है की उनका हुकूमत राजस्थान ने इस की सलामती के बारे में

नई दिल्ली, १८ जनवरी (पी टी आई) मलाऊन मुसन्निफ़ सलमान रुशदी जयपुर अदबी फेस्टिवल के इफ़्तिताही सेशन में शिरकत नहीं करेगा। इस के दौरा हिंद के ताल्लुक़ से गैर यक़ीनी कैफ़ियत पैदा हो गई है की उनका हुकूमत राजस्थान ने इस की सलामती के बारे में अनुदेशों का इज़हार किया है।

फेस्टिवल के मुंतज़मीन अब भी सलमान रुशदी को दी गई दावत के फैसला पर क़ायम हैं लेकिन चीफ मिनिस्टर राजस्थान अशोक गेहलट ने मर्कज़ी वज़ीर दाख़िला पी चिदम़्बरम पर वाज़िह कर दिया है कि सलमान रुशदी के मुजव्वज़ा दौरा के ताल्लुक़ से मुक़ामी अवाम में शदीद ब्रहमी पाई जाती है और इस के यहां पहुंचने की सूरत-ए-हाल कशीदा हो सकती है।

पाँच रोज़ा लिटरेरी फेस्टिवल के नज़रसानी शूदा शीडोल और मुख़्तलिफ़ सेशन में सलमान रुशदी का कोई तज़किरा नहीं किया गया ताहम मुक़र्रिरीन की फ़हरिस्त में इस का नाम शामिल है। फेस्टिवल के मुंतज़मीन ने ऐसा मुबहम बयान दिया है जिस से हर किसी को कयास आराईयों का मौक़ा फ़राहम हो रहा है ।

फेस्टिवल के प्रोड्यूसर संजय के राय ने कहा कि 20 जनवरी को इफ़्तेताही प्रोग्राम में सलमान रुशदी शीडोल तब्दील होने की वजह से शिरकत नहीं करेगा । उन्हों ने कहा कि उसे जो दावत नामा दिया गया है, इस फैसला पर हम आज भी क़ायम है। क़बल अज़ीं चीफ मिनिस्टर अशोक गेहलट ने चिदम़्बरम से मुलाक़ात की और बताया कि राजस्थान के अवाम नहीं चाहते कि सलमान रुशदी यहां आए। उन्हों ने अपने शदीद एहसासात से रियासती हुकूमत को वाक़िफ़ करवाया।

गेहलट ने इस मुलाक़ात के बाद अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत करते हुए कहा कि सलमान रुशदी के दौरा के बारे में उन्हें एक सरकारी तौर पर कोई इत्तेला नहीं है। इस के इलावा हमें सरकारी सतह पर किसी ने मतला भी नहीं किया लेकिन मुक़ामी अवाम में इस दौरा के ताल्लुक़ से शदीद रद्द-ए-अमल पाया जाता है और वो सलमान रुशदी के दौरा के हक़ में नहीं है।

गेहलट ने बताया कि चीफ सैक्रेटरी इस अदबी फेस्टिवल के मुंतज़मीन से रब्त रखे हुए हैं जो 20 से 25 जनवरी मुनाक़िद होगा। गहलोट ने कहा कि कोई भी रियासती हुकूमत ला एंड आर्डर का मसला खड़ा करना नहीं चाहती । उन्हों ने अवाम के शदीद एहसासात से मर्कज़ को वाक़िफ़ करा दिया है।

सलमान रुशदी के मुजव्वज़ा दौरा हिंद की इत्तिला के साथ ही मुस्लमानों ने शदीद रद्द-ए-अमल का इज़हार किया । दार-उल-उलूम देवबंद ने मर्कज़ से अपील की कि सलमान रुशदी का वीज़ा मंसूख़ कर दिया जाये की उनका माज़ी में इस मलाऊन ने कई गलतियों के ज़रीया मुस्लमानों के एहसासात को मजरूह किया है।

दूसरे दिन रुशदी ने ट्वीटर पर जवाब दिया था कि उसे हिंदूस्तान का दौरा करने के लिए वीज़ा की ज़रूरत नहीं । इस बारे में गहलोट से पूछे जाने पर उन्हों ने कहा कि सलमान रुशदी परसन आफ़ इंडियन ओरिजन (पी आई ओ है) और हुकूमत उसे हिंदूस्तान आने से रोक नहीं सकती और ना ही मुंतज़मीन को एसा मश्वरा दिया जा सकता है लेकिन अवाम के एहसासात को भी मद्द-ए-नज़र रखना ज़रूरी है । गेहलट ने बताया कि मुंतज़मीन भी ला एंड आर्डर का मसला खड़ा करना नहीं चाहते जिस के नतीजा में फेस्टिवल की मक़बूलियत मुतास्सिर हो सकती है।

दार-उल-उलूम देवबंद के मुहतमिम मौलाना अबु-अल-क़ासिम ने मुसन्निफ़ शैतानी कलिमात के मुजव्वज़ा दौरा की अशोक गहलोट की जानिब से मुख़ालिफ़त को ख़ुश आइंद क़रार दिया । उन्हों ने उसे हिंदूस्तान में जम्हूरियत की फ़तह से ताबीर किया । हिंदूस्तान में जम्हूरियत अभी ज़िंदा है और हुकूमत अपने अवाम की जानिब से उठाई गई आवाज़ सुन रही है।

उन्हों ने कहा कि दार-उल-उलूम देवबंद सलमान रुशदी और तस्लीमा नसरीन के हिंदूस्तान में दाख़िला पर मुस्तक़िल इमतिना के हक़ में है।

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