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मलाला यूसुफ़ ज़ई की हालत हनूज़ ( अभी तक) नाज़ुक , बेहतर ईलाज के लिए रावलपिंडी मुंतक़िल

इंसानी हुक़ूक़ की कमसिन कारकुन मलाला यूसुफ़ ज़ई की हालत हनूज़ ( अभि तक) नाज़ुक है। तालिबान ने इसके सर में गोली दाग़ दी थी। इसके बेहतर ईलाज के लिए उसे रावलपिंडी में वाक़्य ( स्थित/ मौजूद) पाकिस्तान के आला आर्मी हॉस्पिटल मुंतक़िल किया गय

इंसानी हुक़ूक़ की कमसिन कारकुन मलाला यूसुफ़ ज़ई की हालत हनूज़ ( अभि तक) नाज़ुक है। तालिबान ने इसके सर में गोली दाग़ दी थी। इसके बेहतर ईलाज के लिए उसे रावलपिंडी में वाक़्य ( स्थित/ मौजूद) पाकिस्तान के आला आर्मी हॉस्पिटल मुंतक़िल किया गया है।

सेहतयाबी के लिए मुल्क भर में ख़ुसूसी ( विशेष/ खास) दुआएं की जा रही हैं। 14 साला तालिबा ( छात्रा) के सर में मंगल के दिन वादी स्वात ( Swat Valley) में तालिबान ने गोली मार दी थी। उसे हेलीकाप्टर के ज़रीया पेशावर के दवाख़ाना लाया गया था जहां उस की सर्जरी की गई ।

तीन घंटे के आप्रेशन के बाद गोली निकाल ली गई। टी वी पर दिखाया गया है कि फ़ौजी जवान ,मलाला को हेलीकाप्टर से स्ट्रेचर के ज़रीया एम्बूलेन्स में रखा और दवाख़ाना मुंतक़िल किया गया । बताया जाता है कि बेहतर ईलाज के लिए उसे अमेरीका भी ले जाया जा सकता है।

दवाख़ाना के अतराफ़ ( आस पास) ज़ाइद स्कियोरिटी तैनात कर दी गई है। डाक्टरों की ख़ुसूसी (खास/ विशेष) टीमें भी इस पर नज़र रखे हुए हैं। 14 साला पाकिस्तानी लड़की मलाला यूसुफ़ ज़ई पर तालिबान के बुज़दिलाना हमले की मुज़म्मत ( निंदा) करते हुए सदर (राष्ट्रपति) अमेरीका बारक ओबामा ने नौजवान हक़ूक़-ए-इंसानी ( मानव अधिकार) कारकुन ( कार्यकर्ता) पर अल-मनाक और मायूसकुन हमला क़रार दिया ।

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा (संयुक़्त राष्ट्र/ UN) ) के सेक्रेटरी जनरल बैन की मून ( Ban ki Moon) ने भी जान लेवा हमले की सख़्त मुज़म्मत करते हुए मुतास्सिरा (पीड़ित) लड़की और इसके अरकान (समस्त) ख़ानदान को हर मुम्किन मदद की फ़राहमी का तयक्कुन ( यकीन) दिया।

वाईट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी जय कारिणी ने प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान कहा कि अमेरीका मलाला को हर मुम्किन मदद फ़राहम करेगा जिस में फ़िज़ाई ( हवाई) एम्बूलेंस के ज़रीया ज़ख्मी लड़की की अमेरीका मुंतक़ली ( हस्तांतरण) और वहां पर ईलाज शामिल हैं।

वज़ीर-ए-ख़ारजा अमेरीका हिलारी क्लिन्टन ने बहादुर लड़की की सताइश ( तारीफ) करते हुए कहा कि वो ज़िंदगी और मौत की कश्मकश में मुबतला ( फसी) उस लड़की की बहादुरी से बेइंतिहा मुतास्सिर ( प्रभावित) हैं और इस हमले की शिद्दत से मुज़म्मत ( निंदा) करती हैं। सेक्रेटरी जनरल अक़वाम-ए-मुत्तहिदा बैन की मून ने तालिबान के स्कूली तालिबा पर जान लेवा हमले की मुज़म्मत करते हुए शदीद ब्रहमी ( शख्त गुस्सा) ज़ाहिर की है।

इस के अरकान ( पूरे) ख़ानदान के नाम अपने मकतूब ( खत) में उन्होंने मलाला यूसुफ़ ज़ई पर जान लेवा हमले की मुज़म्मत करते हुए उस की भरपूर ताईद ( हमदर्दी) ज़ाहिर की है।

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