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मसले की यकसूई के लिए हिंद-ओ-चीन के पास अक्ल-ओ-फ़िरासत मौजूद

नई दिल्ली, 22 मई: ( पी टी आई ) चीन के वज़ीर-ए-आज़म Li Keqiang ने आज कहा कि हिंदुस्तान और चीन के पास बिशमोल सरहदी मसला , तमाम मसाइल का हल तलाश करने के लिए फ़हम-ओ-फ़िरासत मौजूद है । उन्होंने तिजारती अदम तवाज़ुन और दरियाई उमूर से मुताल्लिक़ तमाम अहम म

नई दिल्ली, 22 मई: ( पी टी आई ) चीन के वज़ीर-ए-आज़म Li Keqiang ने आज कहा कि हिंदुस्तान और चीन के पास बिशमोल सरहदी मसला , तमाम मसाइल का हल तलाश करने के लिए फ़हम-ओ-फ़िरासत मौजूद है । उन्होंने तिजारती अदम तवाज़ुन और दरियाई उमूर से मुताल्लिक़ तमाम अहम मसाइल पर हिंदुस्तान की फ़िक्र-ओ-तशवीश पर मुसबत ग़ौर करने का तयक्कुन दिया । ली ने हिंदुस्तानी बिज़नेस मैन और सनअतकारों से आज यहां खुल कर इज़हार-ए-ख़्याल किया ।

ली ने दो पड़ोसीयों के माबैन क़रीबी ताल्लुक़ात की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए चीनी मुहावरा दुहराया कि एक दूर दराज़ रहने वाला रिश्तेदार किसी क़रीबी रहने वाले पड़ोसी से ज़्यादा मुफ़ीद नहीं हो सकता । चीनी वज़ीर-ए-आज़म ने दो पड़ोसी मुल्कों हिंद और चीन को इलाक़ाई और आलमी साझेदारों की हैसियत से काम करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया । उन्होंने वादा किया कि कि हमारे मुशतर्का मुफ़ादात ,बाहमी इख्तेलाफ़ात से कहीं ज़्यादा हैं ।

हिंदुस्तान और चीन के पास सरहदी मसला पर दोनों के लिए क़ाबिल-ए-क़बूल हल तलाश करने अक़्ल-ओ-फ़िरासत मौजूद है ।

ली ने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह और दीगर हिंदुस्तानी क़ाइदीन के साथ गुज़शता दो दिन के दौरान खुले ज़हन के साथ हुए दो टूक मुज़ाकरात से वो मुतमईन हैं । मुज़ाकरात के दौरान दोनों फ़रीक़ अपने तमाम मसाइल को ज़ेर-ए-बहस लाए हैं । । हिंदुस्तान और चीन को फ़ित्री हलीफ़-ओ-साझेदार क़रार देते हुए Li Keqiang ने कहा कि हमें चाहीए कि एक दूसरे की तरक़्क़ी को ख़ुद अपने लिए बेहतरीन मौक़े मुतसव्वर करें और हमारे मुशतर्का मुफ़ादात ,बाहमी इख्तेलाफ़ात से कहीं ज़्यादा हैं ।

उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान और चीन हिक्मत-ए-अमली के साझेदार हैं । हमारी मुलाक़ातों और बातचीत का सब से अहम नतीजा ये है कि हम ने हिक्मत-ए-अमली में बाहमी भरोसा को वुसअत दी है और कई मुसबत नताइज बरामद किए हैं । हिंदुस्तानी बिज़नेसमैन से ख़िताब करते हुए ली ने दोनों ममालिक को हिमालया की चोटी पर हाथ में हाथ मिलाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया ।

ली ने नमस्ते कहते हुए अपने ख़िताब का आग़ाज़ किया और बहैसीयत एक यूथ लीडर 27 साल क़ब्ल अपने दौरा हिंद की याद दिलाई ।उन्होंने कहा कि एक वक्त जब हिंद और चीन बैक आवाज़ होकर कहते हैं तो सारी दुनिया उस को सुनेगी और सुनना ही पड़ेगा । सरहदी मसले पर ली ने कहा कि हम इस सवाल से नहीं कतराते लेकिन मुज़ाकरात में पेशरफ्त से इत्तिफ़ाक़ करते हैं ।

दोनों फ़रीक़ इस नज़रिया से इत्तिफ़ाक़ करते हैं कि हिंदुस्तान और चीन के पास पास तौर पर काबिल‍ ए‍ कुबूल जायज़-ओ-मुंसिफ़ाना हल तलाश करने के लिए अक़्ल-ओ-दानिश मौजूद है । इस मसला के क़तई हल तक हम मुशतर्का तौर पर मुत्तफ़िक़ा मेकानिज़्म पर मज़ीद पेशरफ्त कर सकते हैं ।

चीनी वज़ीर-ए-आज़म ने दोनों ममालिक के माबैन तिजारती तफ़ावुत को कम करने के लिए उन के मुल्क में हिंदुस्तानी अशीया को मज़ीद रसाई देने की पेशकश की । उन्होंने हिंदुस्तान के साथ आज़ाद तिजारती समझौता के लिए मुज़ाकरात शुरू करने पर आमादगी का इज़हार किया ।
उन्होंने कहा कि जहां तक तिजारती तफ़ावुत-ओ-ख़सारा का सवाल है चीन अपने पास हिंदुस्तानी अशीया को मज़ीद रसाई देने के लिए तैयार है । मुझे यक़ीन है कि हमारे दो मुल्कों के माबैन तिजारती ख़सारा के मसला से निमटने की सलाहीयत मौजूद है और फ़ाज़िल तिजारत के लिए चीन का हरगिज़ कोई इरादा नहीं है क्योंकि पायदार तिजारती ताल्लुक़ात के लिए सिर्फ़ एक जामि-ओ-फे़अल तिजारती तवाज़ुन की ज़रूरत होती है । उन्होंने कहा कि इन्फ़ार्मेशन टेक्नालोजी ,सॉफ्टवेर और बायो मेट्रिक्स में हिंदुस्तान को सबक़त है और इ‍ंफ्रास्ट्रक्चर के शोबा में हिंदुस्तान की मदद के लिए चीन तैयार है ।

ली ने तिजारती शोबा में तहफ़्फ़ुज़ पसंदी की हौसलाशिकनी पर ज़ोर दिया । 2012-13 के दौरान चीन के लिए हिंदुस्तानी बरामदात सिर्फ़ B.52 अरब अमेरीकी डालर थीं लेकिन इस मुद्दत में चीन ने हिंदुस्तान को 54.3 अरब अमेरीकी डालर मालियती अशीया बरामद किया था ।

ली ने हिंद चीन दोस्ती को मुस्तहकम क़रार दिया और कहा कि आसमान पर चंद बादलों की मौजूदगी का ये मतलब नहीं कि वो ताबनाक सूरज की शुवाओं को चमकने से रोक सकते हैं ।

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