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महबूब नगर में टी आर एस की शिकस्त से मुस्लमानों को सदमा

हलक़ा असेंबली महबूब नगर से टी आर एस उम्मीदवार सय्यद इब्राहीम की शिकस्त के रास्त ज़िम्मेदार के सी आर और कूदनडा राम को क़रार देते हुए मुस्लिम डेवलपमनट कमेटी जनगाउं की जानिब से आज बाद नमाज़ जुमा रेलवे इस्टेशन जनगाउं के पास मुस्लमा

हलक़ा असेंबली महबूब नगर से टी आर एस उम्मीदवार सय्यद इब्राहीम की शिकस्त के रास्त ज़िम्मेदार के सी आर और कूदनडा राम को क़रार देते हुए मुस्लिम डेवलपमनट कमेटी जनगाउं की जानिब से आज बाद नमाज़ जुमा रेलवे इस्टेशन जनगाउं के पास मुस्लमानों की जानिब से के सी आर और को दंडराम , जितेन्द्र रेड्डी आग के पुतले नज़र-ए-आतिश किए गए ।

सदर जामे मस्जिद कमेटी-ओ-साबिक़ रुकन बलदिया मुहम्मद अकबर ने कहा कि इलाक़ा तेलंगाना के तमाम मुस्लमान महबू बनगर से मुस्लिम उम्मीदवार की कामयाबी के मुंतज़िर थे लेकिन चंद सयासी क़ाइदीन मुस्लिम उम्मीदवार की कामयाबी को बर्दाश्त ना करते हुए सय्यद इब्राहीम के ख़िलाफ़ काम किया जबकि मुस्लमानों ने के सी आर को महबूब नगर से एम पी बनाने के लिए वोट दिया जबकि उन की ज़िम्मेदारी थी कि यहां से किसी भी सूरत में उम्मीदवार को कामयाब बनाएं मगर वो धोका दिए ।

मुहम्मद जमाल शरीफ ऐडवोकेट-ओ-सदर मुस्लिम डेवलपमनट कमेटी जनगाउं ने कहा कि के सी आर सैकूलर होने का झूटा दावे करते हैं । अलहदा तेलंगाना तहरीक में बी जे पी और JAC और TRS मिलकर काम किए लेकिन महबूबनगर के असेंबली इंतेख़ाबात में अलहदा होगए क्यों वहां एक मुस्लिम उम्मीदवार सय्यद इब्राहीम मुक़ाबला में थे । इलाक़ा तेलंगाना में मुस्लमानों के वोट फैसला कण हैं ।

उसे वक़्त अलहदा तेलंगाना तहरीक के क़ाइदीन फ़िरका परस्त ज़हन रखते हैं तो मुस्लमान किस तरह उन का साथ देंगे । JAC कन्वीनर प्रोफेसर कूद नड्डा राम रेड्डी ने भी महबूबनगर असेंबली हलक़ा में बी जे पी की ताईद की है । क्यों वो खुल कर टी आर इस का साथ नहीं दिए । वहां से बी जे पी उम्मीदवार को दस्त बरदार क्यों नहीं किए ।

जिस से ये शुबा होता है कि कूद नड्डा राम बी जे पी के हाथों फ़रोख़त होगए क्या । इस से साफ़ ज़ाहिर होता है कि मुस्लमानों की क़ियादत को रोका जाय । चंद मुस्लिम क़ाइदीन जो दूसरी पार्टियों से वाबस्ता हैं वो लोग भी खुल कर मुस्लमान उम्मीदवार इब्राहीम की ताईद नहीं किए । एक तरफ़ मुस्लमानों का साथ देने का ऐलान करते हैं तो दूसरी तरफ़ मुस्लिम उम्मीदवार के ख़िलाफ़ काम करते हैं ।

मुस्लिम उम्मीदवार की नाकामी से इलाक़ा तेलंगाना के मुस्लमानों में शऊर बेदार हो रहा है । तेलंगाना के मुस्लमानों को होश में आने की ज़रूरत है । फ़िका परस्त ज़हनियत के लोग मुस्लमानों का वोट लेते हैं मगर मुस्लमानों को वोट नहीं देते । ग़ौर करने की ज़रूरत है । इस प्रोग्राम में छोटे मियां ,

सलीम उद्दीननाहिद , इलियास , साजिद , माजिद मिर्ज़ा , ऐसी , मिजो , मुहम्मद ग़ौस , क़ादिर शरीफ , अरशद , सिराज , अज़हर-उददीन , फ़ख़्रउद्दीन , हमीद , अनवर , अशर्फ़ , शकील , रियाज़, महबूब , सादिक़ , अलीम और दूसरों की कसीर तादाद मौजूद थे।

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