Friday , October 20 2017
Home / India / महाराष्ट्र और हरियाणा में मुश्किलात, एन डी ए महफ़ूज़

महाराष्ट्र और हरियाणा में मुश्किलात, एन डी ए महफ़ूज़

शिवसेना और अकाली दल से बी जे पी इख़तेलाफ़ात अहमियत नहीं रखते,मर्कज़ी वज़ीर राम विलास पासवान की प्रेस कान्फ्रेंस‌

शिवसेना और अकाली दल से बी जे पी इख़तेलाफ़ात अहमियत नहीं रखते,मर्कज़ी वज़ीर राम विलास पासवान की प्रेस कान्फ्रेंस‌

बी जे पी और उस की क़दीम तरीन हलीफ़ शिवसेना के दरमियान तर्क-ए-ताल्लुक़ होगया है और मोदी लहर एसा मालूम होता है कि असैंबली के ज़िमनी इंतेख़ाबात पर असरअंदाज़ नहीं होसकी लेकिन एन डी ए की एक और अकाली दल‌ हलीफ़ लोक जन शक्ति पार्टी ने भगवा इत्तेहाद के ख़ातमे के आसार महसूस नहीं किए।

एल जे पी के सरबराह और मर्कज़ी वज़ीर अदलिया राम विलास पासवान इन ख़बरों से मुत्तफ़िक़ नहीं है कि वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी काबीना पर ग़लबा रखते हैं , जिस में वुज़रा को कारकर्दगी की कोई आज़ादी हासिल नहीं है। उन्होंने कहा कि लोक सभा इंतेख़ाबात और असेम्बली इंतेख़ाबात एक दूसरे से मुख़्तलिफ़ होते हैं और मुख़्तलिफ़ किस्म के मसाइल पर लड़े जाते हैं।

मोदी का कहना है कि वो बाल ठाकरे पर तन्क़ीद नहीं करेंगे। शिवसेना का कहना है कि वो बी जे पी की मर्कज़ी हुकूमत पर तन्क़ीद नहीं करेगी और एन डी ए मख़लूत इत्तेहाद में बरक़रार रहेगी, इस से रियासती सतह पर मख़लूत इत्तेहाद को हलीफ़ों से मसाइल का सामना मंज़रे आम पर आगया है।

पासवान ने मख़लूत इत्तेहाद के रियासती सतह पर मसाइल का तजज़िया करते हुए इस के क़ौमी सतह पर असरात मुरत्तिब होने के इमकान को मुस्तरद‌ करदिया। उन्होंने बी जे पी की बिहार, यू पी, राजस्थान और उत्तराखंड के ज़िमनी असेम्बली इंतेख़ाबात में नाकामियों की अहमियत कम करने की कोशिश की और कहा कि बरसर-ए-इक्तदार इत्तेहाद पूरी तरह महफ़ूज़ हैं और हलीफ़ पार्टियों के दरमियान किसी किस्म का इख़तेलाफ़ नहीं है।

लोक सभा इंतेख़ाबात में मख़लूत इत्तेहाद की कामयाबी का सहरा मोदी के सर बांधते हुए पासवान ने जिन की पार्टी एल जे पी बिहार में एन डी ए की हलीफ़ हैं, कहा कि महाराष्ट्र में एन डी ए के हलीफ़ होने इख़तेलाफ़ात को असेम्बली इंतेख़ाबात के पस-ए-मंज़र में देखना चाहिए । इस का मतलब हरगिज़ ये नहीं है कि महाराष्ट्र में शिवसेना।बी जे पी इत्तेहाद ख़त्म होचुका है।

कांग्रेस और एन सी पी भी मुत्तहदा तौर पर रियासती इंतेख़ाबात में मुक़ाबला नहीं कर सकतीं क्योंकी रियासती इंतेख़ाबात एक मुख़्तलिफ़ किस्म का खेल है। तमाम पार्टियों के कारकुन क़ियादत पर टिक्टों केलिए दबा डालते हैं। क़ाइदीन आज़म तरीन तादाद को उम्मीदवार बनाना चाहते हैं।

यही वजह है कि एन डी ए के हलीफ़ों में भी इख़तेलाफ़ात पैदा होगए हैं और शिवसेना ने अपनी राहें बी जे पी से अलग करली हैं। हरियाणा में भी शिरोमणि अकाली दल आई एन एल डी । जे डी यू इत्तेहाद की ताईद कर रही है।

TOPPOPULARRECENT