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महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष के बेटे की शाही शादी: 30 हज़ार मेहमान, ड्रोन कैमरे से निगरानी

औरंगाबाद में महाराष्ट्र राज्य भाजपा अध्यक्ष रावसाहब दानवे के पुत्र और भोकरदन से विधायक संतोष दानवे की शाही शादी जाने-माने मराठी सिंगर राजेश सरकाटे की बेटी रेणु के साथ सम्पन्न हुई जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत अनेक दिग्गजों ने शिरकत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुझे इस शादी का पिछले दो साल से इंतज़ार था। शादी की खासियत 30 हजार से अधिक मेहमान, शादी समारोह स्थल की ड्रोन से निगरानी, महल का सेट बना और मेहमानों को दिए गए महंगे गिफ्ट।

 

इस शादी समारोह में अनेक वीवीआईपी भी शामिल थे। शिवसेना की तरफ से दो राज्यमंत्री समारोह में पहुंचे, जबकि दो विपक्षी पार्टी के नेता भी यहां मौजूद थे। कई केंद्रीय मंत्री भी शादी का हिस्सा बने। एक बड़ा मध्ययुगीन महल जैसे शहर का सेट बाहरी इलाके में जबिंदा एस्टेट में स्थापित किया गया था। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमनिया ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि ‘मुझे आश्चर्य हो रहा है कि ऐसी खर्चीली शादी के लिए पैसा कहां से आता है.’ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस शादी में करीब 6-7 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

 

किसान नेता जयाजी सूर्यवंशी ने आरोप लगाया है कि लोगों के पास पीने के लिए पानी नहीं है और इस शादी में दो दिन में 500 टैंकर पानी ज़मीन पर छिड़का गया। शादी में शरीक हुए सेना के सांसद चंद्रकांत खैरे ने इस बात की पुष्टि की कि उद्धव ठाकरे और कई बड़े शिवसेना के नेता विवाह में शामिल नहीं हुए। मेहमानों के लिए कई तरह के पकवान बनाए गए थे। वैवाहिक समारोह में सुरक्षा का इंतजाम तो किया ही गया था साथ ही यातायात व्यवस्था भी बदल दी गई थी। हालत यह थी कि पैठण रोड़, बीड बायपास आदि क्षेत्रों में यातायात के कारण लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

 

इस शादी से दिसंबर में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की बेटी की हुई शाही शादी की यादें ताजा हो गईं जिसमें वीवीआईपी मेहमानों को लाने के लिए 10 चार्टर्ड प्लेन लगाए गए थे। उससे पहले कर्नाटक के जनार्दन रेड्डी की पुत्री की शाही शादी भी चर्चा में रही थी। रेड्डी ने कर्नाटक में भाजपा की सरकार के गठन में मुख्य सूत्रधार की भूमिका अदा की थी। मामले ने इसलिए तूल पकड़ा था क्योंकि केंद्र सरकार ने नोटबंदी का ऐलान किया था और देश भर में नोटों की किल्लत थी उसके बाद भी ने रेड्डी ने 500 करोड़ रुपए खर्च किये थे।

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