Friday , April 28 2017
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मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस करके बीजेपी-कांग्रेस-सपा पर साधा निशाना, सपा-बीजेपी के मिली-भगत का लगया आरोप।

शम्स तबरेज़, ब्यूरो रिपोर्ट।
लखनऊ: शुक्रवार आरएसएस के आरक्षण खत्म करने के बयान पर तल्ख टिप्पणी करने बाद आज मायावती प्रेस कांफ्रेंस करके ​केन्द्र सरकार और विरोधी दलों पर सीधे निशाना साधा है।
मायावती ने कहा कि दलित और पिछड़ा वर्ग केन्द्र सरकार से नाराज़ है। प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि प्रदेश में सपा का शासन अराजक रहा है और कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है दोनों ही सरकारो के खासकर गरीब दलित पिछड़े व अल्पसंख्यक किसान विराधी गलत नीतियो से जो प्रदेश 22 करोड़ जनता में आक्रोश और नारज़गी व्याप्त है वो किसी से छुपे नहीं है। मायावती ने कहा कि ‘सपा सरकार ने दागी चेहरो को अपना पसंद बनाया है, जबकि जनता ऐसे दागी चेहरो को पसंद नहीं करती है। क्या प्रदेश की जनता ऐसे दागी चेहरों को वोट देगी या फिर जंगल और आपराधिक राज्य को खत्म करने वाली बीएसपी को वोट देंगी? प्रदेश की वर्तमान सपा शुरू से ही अराजक, अपराधी, भ्रष्ट या जंगलराज वाली हुकूमत रही है।’ मायावती ने ये भी कहा कि ‘चोरी डकैती अपरहण इत्यादि की घटनाएं काफी चरम पर रही है, पूरे प्रदेश में 500 छोटे बड़े दंगे हुए दादरी की दर्दनाक घटना घटी, मथुरा का जवाहर बाग का खूनी सघर्ष जिसमें एक पुलिस अधिकारी की जान तक चली गई। बुलंदशहर का शर्मनाक काण्ड हुआ, जिसपर पर्दा डालने के लिए मुलायम सिंह पिछले कुछ म​हीनो से पार्टी में नाटकबाजी कर रहे है। सपा इस प्रकार की नाटकबाजी से प्रदेश की जनता का ध्यान बांटना चाहती है। मायावती ने मुलायम सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव अपने भाई शिवपाल यादव को बलि का बकरा बना दिया। मायावती ने सपा—कांग्रेस के गठबंधन पर कहा कि कांग्रेस का चेहरा भी असली और घोर स्वार्थी चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो गया और अब इस पार्टी ने सपा सरकार के दागी चेहरे के आगे नटमस्तक होकर गठबंधन करना भी स्वीकार कर लिया। लेकिन ऐसा करके कांग्रेस के सर्वोच्च नेतृत्व ने ये प्रमाणित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से आॅक्सीजन पर है कांग्रेस पार्टी की हालत इस समय हालत इतनी ज्यादा खराब हो चुकी है कि उसकी राष्ट्रीय नेताओ को अपनी रथ यात्रा और खाट सभा करने के बावजूद भी उन्हे प्रदेश में विधानसभा में अपने प्रत्याशी भी खड़े को नहीं मिल रहे है। साथ ही उन्होनें ने समाजवादी पाटी पर बीजेपी के साथ मिली—भगत का आरोप भी लगाया।

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