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माहौलियाती आलूदगी का मनफ़ी असर चैलेंज, शमसी तवानाई की वकालत

नई दिल्ली: माहौलियाती आलूदगी के मनफ़ी असर को एक चैलेंज क़रार देते हुए वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि शमसी तवानाई से इस्तिफ़ादा यक़ीनी बनाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि माहौलियात के बारे में तवील अरसे से तबादला-ए-ख़्याल हो रहा है लेकिन गुज़िश्ता चंद साल से इस के मनफ़ी असरात आम ज़िंदगी पर महसूस किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस मसले का हल तलाश करना इन्सानियत के लिए एक चैलेंज बन चुका है। नरेंद्र मोदी ने आज इलेक्ट्रिक बस को झंडी दिखाकर रवाना किया जिसे विज़ारत रोड ट्रांसपोर्ट ऐंड हाई वेज़ ने लोक सभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को बतौर तोहफ़ा पेश की। इस बस से अरकान-ए‍-पार्लियामेंट इस्तिफ़ादा करेंगे।

पैरिस में हालिया माहौलियाती चोटी इजलास का हवाला देते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमरीका, फ़्रांस और हिन्दुस्तान ने मुशतर्का तौर पर इख़तिराई मिशन शुरू किया है। इस में बिल और मिलिंदा गैटस फाऊंडेशन की भी मदद शामिल रहेगी जिसके ज़रीया ग्रीन टेक्नालोजी को फ़रोग़ दिया जाएगा और बैन-उल-अक़वामी सतह पर शमसी इत्तेहाद क़ायम किया जाएगा।

इस इत्तेहाद का हेडक्वार्टर दिल्ली में रहेगा। वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि दुनिया में 122 ऐसे ममालिक हैं जहां साल में 300 दिन से ज़ाइद सूरज की रोशनी फ़राहम होती है लिहाज़ा हिन्दुस्तान ने इस मामले में पहल की है कि एक ऐसी तंज़ीम क़ायम की जाये जहां इन तमाम ममालिक मुत्तहिद हो कर शमसी तवानाई से इस्तिफ़ादा को यक़ीनी बनाएँ।

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