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मिड डे मील में जहर! 20 बच्चों की मौत, 80 बीमार

छपरा 17 जुलाई : मशरक ब्लाक के गंडामन नए प्रायमरी स्कूल में रोज की तरह मंगल को भी मंजू देवी (बावर्ची) ने 102 बच्चों के लिए दोपहर का खाना (मिड डे मील) तैयार किया। खाने में खिचड़ी और सोयाबीन व आलू की सब्जी थी। खाना खाने के बाद बच्चे स्कूल में

छपरा 17 जुलाई : मशरक ब्लाक के गंडामन नए प्रायमरी स्कूल में रोज की तरह मंगल को भी मंजू देवी (बावर्ची) ने 102 बच्चों के लिए दोपहर का खाना (मिड डे मील) तैयार किया। खाने में खिचड़ी और सोयाबीन व आलू की सब्जी थी। खाना खाने के बाद बच्चे स्कूल में खेलने में मशगूल हो गये।

तकरीबन डेढ़ बजे क्लास शुरू हुआ। बच्चे क्लास में पहुंचे, तो दूसरी क्लास के कुछ बच्चों को उल्टी हुई। कुछ को पेट में दर्द होने लगा। देखते-देखते कई बच्चे जमीन पर लेट गये। कुछ बेहोश हो गये। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। गांव में खबर पहुंची, तो हंगामा मच गया। डर के मारे हेड मिस्ट्रेस मीना कुमारी समेत दोनों टीचर स्कूल से भाग गयीं।

बीमार बच्चों को उनके वालेदैन मशरक वाक़ेय पीएचसी में ले गये। यहां मौजूद एक डॉक्टर और एक कंपाउडर के लिए इतने बीमार बच्चों को संभालना मुश्किल था। कुछ के वालेदैन प्रायवेट डॉक्टर के पास ले गये। तकरीबन एक घंटे तक पीएचसी में इलाज की कोई इंतज़ाम नहीं हुई। बच्चों को जमीन पर लिटा कर रखा गया। इत्तेला मिलने पर इंचार्ज सिविल सजर्न डॉ शंभुनाथ सिंह ने तरैया, मढ़ौरा और अमनौर समेत दीगर पीएचसी के डॉक्टरों को एंबुलेंस के साथ मढ़ौरा भेजा। तब तक लोग गुस्सा हो गये थे और उन्होंने मशरक बाजार, मेन रोड और पीएचसी में हंगामा शुरू कर दिया।

शाम में एसडीओ मनीष शर्मा, एसडीपीओ कुंदन कुमार व मशरक के सीओ को मशरक में गुस्साए भीड़ ने घेर लिया। अफसरों के पहुंचने के बाद बावर्ची समेत 15 तालिब इल्म को सदर अस्पताल रेफर करवाया। इसी दौरान पीएचसी में दो बच्चों की मौत हो गयी।

इसके बाद महाराजगंज के एमपी प्रभुनाथ सिंह पहुंचे और उन्होंने दो सिटी राइड बसों का इंतज़ाम कर बच्चों को छपरा सदर अस्पताल भेजवाया। रास्ते में ही दो बच्चों की मौत हो गयी। छपरा सदर अस्पताल में जब तक बच्चों को भरती कराया जाता, चार और बच्चों की जान चली गयी। उधर, छपरा अस्पताल में भारी हुजूम उमड़ पड़ा। रात करीब नौ बजे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। डॉक्टर कभी इस बेड पर जाते, तो पता चलता कि उधर किसी की मौत हो गयी। पटना से अफसरों की टीम पहुंची। रात करीब 11:30 बजे डीएम अभिजीत सिन्हा ने 16 बच्चों की मौत की तस्दीक की। उन्होंने बताया कि बीमार 24 बच्चों को पीएमसीएच रेफर कर दिया गया है।

इसके पहले गुस्साए लोगों ने मशरक महावीर चौक के पास सड़क जाम कर दिया, जिससे मशरक-शीतलपुर, मशरक-सीवान मार्ग पर ट्रैफिक जाम हो गया। सड़क पर टायर जला कर उन्होंने मुजाहेरा भी किया।

उधर, छपरा सदर अस्पताल का हर कोने में चित्कार था। मिड डे मील ने किसी की कोख सूनी कर दी थी, तो किसी के अरमान उजड़ गये।

वजीर ए आला ने दिया जांच का हुक्म

वजीर ए आला नीतीश कुमार ने मिड डे मिल खाना खाकर मरे बच्चों की वाकिया को संजीदगी से लेते हुए आला सतही जांच का हुक्म दिया है। सारण डिविजन के कमिश्नर शशिशेखर शर्मा को जांच का जिम्मा दिया गया है। मैयत के अहले खाना को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। वजीर ए आला ने बीमार बच्चों के बेहतर इलाज कराने का हिदायत दिया है।

भाजपा व राजद का छपरा बंद का एलान

तमाम ओपोजिशन पार्टियों ने छपरा मिड डे मील कांड पर हुकूमत को घेरा है। इसे हुकूमत की नाकामयाबी बताया गया है। भाजपा और राजद ने बुध को छपरा बंद का एलान किया है। इस दौरान राजद कायेदिनों के अलावा सुशील कुमार मोदी, मंगल पांडेय, नंदकिशोर यादव, राजीव प्रताप रूडी, संजय मयूख वगैरह सीनियर भाजपाई मौजूद रहेंगे।

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