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मिर्रीख़ मुहिम :मदार को बुलंद करने की ज़िमनी कोशिश कामयाब

मदार को बुलंद करने की चौथी कार्रवाई के दौरान रुकावट का शिकार होने के बाद इसरो ने कामयाबी के साथ मदार को बुलंद करने की ज़िमनी कार्रवाई अंजाम दी। ख़लाई जहाज़ को अप्पू जी (कुर्राह-ए-अर्ज़ से बईद तरीन फ़ासिला )जो एक लाख 18 हज़ार किलोमीटर है ,

मदार को बुलंद करने की चौथी कार्रवाई के दौरान रुकावट का शिकार होने के बाद इसरो ने कामयाबी के साथ मदार को बुलंद करने की ज़िमनी कार्रवाई अंजाम दी। ख़लाई जहाज़ को अप्पू जी (कुर्राह-ए-अर्ज़ से बईद तरीन फ़ासिला )जो एक लाख 18 हज़ार किलोमीटर है , पर स्यारा मिर्रीख़ के अतराफ़ मदार को बुलंद करने की ज़िमनी कोशिश में कामयाबी हासिल करली।

स्यारा मिर्रीख़ के अतराफ़ ख़लाई जहाज़ ने हिन्दुस्तानी मेयारी वक़्त के मुताबिक़ अली उल-सुबह 5.03 बजे मदारी गर्दिश का आग़ाज़ कर दिया। 303.8सेकंडस् में उसकी एक मदारी गर्दिश मुकम्मल हो गई ।स्यारा मिर्रीख़ के अतराफ़ ख़लाई जहाज़ का मदार 78,276किलोमीटर से बुलंद कर के 1,18,642 किलोमीटर पर पहुंचा दिया गया।

हिन्दुस्तानी ख़लाई तहक़ीक़-ओ-तैयारी महिकमा इसरो के बमूजब ये ज़िमनी कार्रवाई 5.10 बजे सुबह मुकम्मल होगई और ख़लाई जहाज़ 124.9 ख़लाई वहल फ़ी मिनट की रफ़्तार से स्यारा मिर्रीख़ के अतराफ़ गर्दिश करने लगा ।मदार को बुलंद करने की चौथी कार्रवाई के दौरान कल रुकावट पैदा होगई थी।

इसरो ने मंसूबा बनाया था कि 5 बजे सुबह मुक़र्ररा हदफ़ हासिल होने से पहले दुबारा ज़िमनी कोशिश की जाएगी और मदार की बुलंदी एक लाख किलोमीटर करदी जाएगी। मदार को बुलंद करने की पांचवीं कोशिश 16 नवंबर को मुक़र्रर है जबकि ख़लाई जहाज़ का मदार एक लाख 92 हज़ार किलोमीटर कर दिया जाएगा।

मदार को चौथी मर्तबा बुलंद करने की कार्रवाई कल की गई थी लेकिन 440 न्यूटन स्याल इंजन बंद हो गया। इबतिदाई और माबाद क़ाइलस दोनों को एक साथ तवानाई फ़राहम ना कर सका। दबाव की सतह को बाक़ायदा नहीं बनाया जा सका। कार्रवाई जारी रही और इस के लिए रवैय्ये पर क़ाबू पाने वाले आलात इस्तेमाल किए गए और ख़लाई जहाज़ हसब-ए-मामूल और 100 फ़ीसद महफ़ूज़ होगया। रुकावट के बाद ख़लाई जहाज़ का मदार एक लाख किलोमीटर के बजाय सिर्फ़ 78276 किलोमीटर किया जा सका था।

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