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मिल गयीं आज़म खां जी की भैंसें…लेकिन गाज गिरी पुलिस वालों पर

अपने 'मुगले आज़म' आज़म खान आजकल मायूस हैं| ये मायूसी तनी बढ़ गयी है कि मंत्रीजी का गुस्सा अफसरों पर बरसने भी लगा है| जैसा कि सभी को मालूम है कि मंत्री जी ( आज़म खां) की कई भैंस चोरी चली गयी थीं| लेकिन वो ज़िले की पुलिस की मुस्तैदी से मिल गयी है

अपने ‘मुगले आज़म’ आज़म खान आजकल मायूस हैं| ये मायूसी तनी बढ़ गयी है कि मंत्रीजी का गुस्सा अफसरों पर बरसने भी लगा है| जैसा कि सभी को मालूम है कि मंत्री जी ( आज़म खां) की कई भैंस चोरी चली गयी थीं| लेकिन वो ज़िले की पुलिस की मुस्तैदी से मिल गयी हैं | फिर भी वज़ीर नाराज है और इस नाराजगी का खामियाजा वाटर कार्पोरेशन के एमडी समेत दिगर 4 अफसरों को झेलना पड़ा है |

इन पांचों को जहाँ आज़म ने सस्पेंड कर दिया है| वहीँ एसपी रामपुर ने रात के गस्त में लापरवाही को वजह मानते हुए दरोगा सुनील कुमार समेत सिपाही अजय कुमार और विपिन कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है|

चलिए अब सिलसिलेवार आपको बताते हैं : रामपुर में वाटर कार्पोरेशन (Water Corporation/जल निगम) सड़क की तामीर, सीवरेज सिस्टम और पीने के पानी वाले मंसूबे के कई प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। आज़म इस वक्त वाटर कार्पोरेशन के चेयरमैन भी हैं।

हफ्ते के रोज़ एक तो उनको अपनी प्यारी भैंसों के चोरी चले जाने का गम था ऊपर से ये वाटर कार्पोरेशन वाले सही से काम नहीं कर रहे थे | जिसका नतीजा ये हुआ कि मंत्री जी का गम गुस्से में बदल गया | मुआयना करने निकले आज़म ने पहाड़ी गेट के पास देखा कि नयी बनी सीवरेज लाइन धंसी हुई है। इसे देखकर आज़म खां का पारा और बढ़ गया और उन्होंने वाटर कार्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेन्द्र कुमार, चीफ इंजीनियर मुरादाबाद एलके गुप्ता, जनरल मैनेजर रामपुर शौकत अली, चीफ जनरल मैनेजर गाजियाबाद पीके चौहान को सस्पेंड कर दिया।

इसके बाद पीके आशुदानी को वाटर कार्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और पीके सिन्हा को कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज का डायरेक्टर बनाया गया है।

अब बात करते हैं आज़म खा‍ जी की भैंस की, जिले की मुस्तैद पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे के अंदर खां साहब की सातों भैंस बरामद कर लीं। पुलिस को भैंस शहर के मुख्तलिफ थाना इलाको में घूमती मिलीं हैं। पुलिस ने सभी को पकड़ कर तबेले में पहुंचा दिया है। लेकिन चोरी करने वाला शख्स अभी पकड़ में नहीं आया है|

आखिर क्या है माजरा

आज़म खां का रामपुर में हमसफर नाम का रिसोर्ट है। इसी के पीछे वज़ीर ( आज़म खां) की भैंसों के लिए तबेला बना है। यही से सात भैंस चोरी हुई थीं। आज़म की भैंसों के चोरी ने जिले की पुलिस और इंतेज़ामिया में हड़कंप मचा दिया। आनन फानन में जिले के सभी बड़े पुलिस आफीसर तबेले पर हजारी लगा रहे थे। इसके बाद खोज शुरू हुई भैंसों के पैरों के निशान का पीछा करते हुए पांच किमी तक जंगलों और गांवों में सरकारी अमला चक्कर लगाता रहा| लेकिन भैंसों का कुछ पता नहीं चला|

इसके बाद पूरे ज़िले भर में तलाश शुरू हुई | डीएम के हुक्म पर एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, लेखपाल स्लाटर हाउस और मीट फैक्ट्रियों के चक्कर लगाते रहे। पुलिस जानवरो के तस्करों से पूछताछ करती रही। कुछ भी हाथ नहीं लगता देख जिले के सभी अफसरों को अपना मुस्तकबिल तारीकी (अंधकार) में नजर आने लगा था| लेकिन इतवार की सुबह इन सभी के लिए नयी रौशनी लेकर आयी और पुलिस ने भैंसों को बरामद कर लिया।

आखिर भैंस कहाँ से मिली

दो भैंस भोट इंड्रा से, दो भैंस चमरौवा से, दो भैंस तबेले के आसपास से और एक भैंस आज़म खां के घर के पास के एक पार्क के पास मिलने की बात पुलिस बता रही है|

इसके बाद सभी ने चैन की साँस ली| लेकिन एसपी ने रात के गस्त में लापरवाही की वजह बताते हुए दरोगा सुनील कुमार समेत सिपाही अजय कुमार और विपिन कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है| वहीँ ज़राये के मुताबिक इस वाकिया से आज़म खां काफी गमगीन हैं उनका मानना है कि जब वज़ीर चोरी का शिकार हो सकते हैं तो आम आदमी का क्या हाल होगा| वज़ीर ने जिले में सभी अफसरों के पेंच कसने का मन बना लिया है अब जल्द ही इसे अमली जामा पहनाया जायेगा|

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