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मिसबाह उल हक सीरीज जीतने के खाहां

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान मिसबाह-उल-हक़ ने वन डे सीरीज़ की शुरूआत को बेहतर क़रार देते हुए तीनों मुक़ाबले जीतने का अज़म ज़ाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि हिंदूस्तान के ख़िलाफ़ सेंचुरी स्कोर करने वाले नासिर जमशेद को अपनी फ़िटनेस‌ पर काम करने की बहुत ज़रूरत है।

सईद अनवर जैसे अज़ीम बैटस्मैन की मयार हासिल करने के लिए उन्हें सख़्त मेहनत की ज़रूरत है। यूनुस ख़ान का नासिर जमशेद के साथ तेज़ खेलना इस मैच का टर्निंग प्वाईंट साबित हुआ। ये मैच जिस तरह के हालात में हुआ इस तरह के हालात वनडे टीम में कम देखने को मिलते हैं।

नासिर ने शुएब मलिक‌ के साथ बेहतर अंदाज़ में मैच का इख़तताम किया। यहां प्रैस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए मिसबाह ने कहा कि नासिर जमशेद की सलाहीयत से किसी को इनकार नहीं है लेकिन सईद अनवर ने इस ग्रांऊड में एक अर्सा क़बल जबकि टी 20 क्रिकेट का रिवाज भी नहीं था, जिस के बावजूद उन्होंने तेज़ रफ़्तार 1 9 4 रनस उस‌ वक़्त बनाए थे जब वो एक आलमी मेयार‌ के बैटस्मैन बिन चुके थे।

नासिर जमशेद को अपनी फ़िटनैस पर काम करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि हम तीनों वंडे जीतना चाहते हैं लेकिन हमें अपनी फ़ील्डिंग,आख़िरी ओवर्स में बौलिंग और बैटिंग कारकर्दगी को बेहतर करना होगा। ताहम तीन मैचों की मुख़्तसर सीरीज़ में पहला मैच जीतना बेहतर शुरूआत ही कहलाएगा।

टीम को बेहतरीन शुरूआत फ़राहम करने वाले जुनैद ख़ान की बौलिंग की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने इबतिदाई चंद ओवर्स में ही मुक़ाबले का नक़्शा पलट दिया। वो हमारे पास वाहिद सीम बोलर थे जो इस से पहले भी इसी तरह के हालात में बौलिंग करचुके हैं।

जुनैद ने उम्मीद‌ के मुताबिक़ बौलिंग की और हिंदूस्तान के टाप आर्डरस को तहस नहस करते हुए हरीफ़ टीम को मुश्किल में डाल दिया। मैन औफ़ दी मैच जुनैद‌ को मिलने के बारे में उन्होंने कहा कि ये फ़ैसला ज्यूरी का था लेकिन धोनी की इन्निंगस‌ एक मैच वोंग सेंचुरी के मुतरादिफ़ है।

एक मौके पर लग रहा था कि हिंदूस्तान 125 रंस‌ से आगे नहीं जा सकता लेकिन धोनी ने जिन हालात में सेंचुरी स्कोर करते हुए टीम को कामयाबी की दहलीज़ पर खड़ा किया था वो काबिल-ए-सताइश है। पाकिस्तान केलिए नासिर जमशेद, यूनुस ख़ान और अज़हर अली ने बेहतरीन बैटिंग की जो कामयाबी में अहम रही।

अलावा अज़ीं अज़हर अली ने शुरू ओवर्स में जिस तरह विकेट पर वक़्त गुज़ारा वो भी अहम है क्योंकि हालात उस वक़्त बैटिंग के लिए साज़गार नहीं थे। यूनुस ख़ान ने अपने तजुर्बे के मुताबिक़ बहुत ज़िम्मा दाराना बैटिंग की और रन की रफ़्तार भी बढ़ाई। उस वक़्त हम 3-0 के बजाय अगले मैच के बारे में सोच रहे हैं। सीरीज़ में कामयाबी के लिए मेहनत और मुज़ाहिरों में बेहतरी दरकार होगी

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