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मिस्र में सज़ाए मौत के अंदाज़ में 25 मुलाज़िमीन पुलिस का क़त्ल

मिस्र के सरहदी शहर रिफ़ाह में आज घात लगाकर किए गए एक हमले में कम से कम 25 मुलाज़िमीन पुलिस को एक जगह जमा करते हुए सज़ाए मौत देने के अंदाज़ में हलाक कर दिया गया। इस से चंद घंटे क़ब्ल इख़वानुल मुस्लिमीन ने सेक्यूरिटी फोर्सेस पर 36 इस्लाम पसं

मिस्र के सरहदी शहर रिफ़ाह में आज घात लगाकर किए गए एक हमले में कम से कम 25 मुलाज़िमीन पुलिस को एक जगह जमा करते हुए सज़ाए मौत देने के अंदाज़ में हलाक कर दिया गया। इस से चंद घंटे क़ब्ल इख़वानुल मुस्लिमीन ने सेक्यूरिटी फोर्सेस पर 36 इस्लाम पसंदों का सफ़ाकाना क़त्ल करने का इल्ज़ाम आइद किया था।

पुलिस फ़ोर्स पर इस ख़तरनाक हमले ने फ़ौजी ताईद याफ़्ता उबूरी हुकूमत के लिए मज़ीद एक दुश्वार गुज़ार चैलेंज पैदा कर दिया है, जबकि ये हुकूमत इख़वानुल मुस्लिमीन के साथ ज़ोर आज़माई में कामयाबी की जद्द-ओ-जहद में मसरूफ़ है। फ़ौज और इख़वान तसादुम के नतीजे में 14 अगस्त को 850 अफ़राद उस वक़्त हलाक होगए जब माज़ूल सदर मुहम्मद मुर्सी के हामियों को बाहर निकालने के लिए फ़ौजी यलग़ार की गई थी।

माज़ूल सदर मुर्सी के बाज़मामूरी का मुतालिबा करते हुए उनके हज़ारों हामी मुल्क भर में एहितजाजी मुज़ाहरा कररहे हैं। मिस्र के पहले जम्हूरी तौर पर मुंतख़ब सदर मुर्सी को 3 जुलाई को एक फ़ौजी बग़ावत में माज़ूल कर दिया गया था। फ़लस्तीनी इलाक़ा ग़ाज़ा और मिस्र के दरमियान वाक़े सरहदी शहर रिफ़ाह में पुलिस पर घात लगाकर किए गए हलाकत ख़ेज़ हमले के जवाब में हुकूमत ने सरहदी राहदारी को बंद कर दिया है। मिस्र के देरीना हुक्मराँ मुहम्मद हुसना मुबारक की 2011 में माज़ूली के बाद से सरहदी शहर सनाई में हमलों में इज़ाफ़ा हुआ था जिसके बाद इस्लामी अस्करियतपसंदों के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कीगई थी।

ताज़ा तरीन वाक़िये में नामालूम अस्करियतपसंदों ने जज़ीरानुमा सनाई में दो बसों को राकेट से दागे़ जाने वाले बमों का निशाना बनाया गया जिस में मुलाज़मीन पुलिस सफ़र कररहे थे। इस से चंद घंटों क़बल ही इख़वानुल मुस्लिमीन ने मिस्री सेक्यूरिटी फोर्सेस पर इन 36 इस्लामपसंदों के सफ़ाकाना क़त्ल का इल्ज़ाम आइद किया था जो जेल मुंतक़ली के दौरान फ़रार हो गोए थे लेकिन फ़ौज ने तआक़ुब के दौरान उन्हें पकड़ लिया था और एक जगह जमा करने के बाद गोली मार दी गई थी। लेकिन हुकूमत ने इब्तिदाई मरहला पर कहा था कि जेल से मफ़रूर इस्लामपसंद क़ैदी फायरिंग के तबादला के दरमियान हलाक हुए हैं। चंद क़ैदियों ने एक आला फ़ौजी ओहदेदार को भी यरग़माल बनालिया था। वाज़िह रहे कि सूबा क्लिबिया के ज़ाबुल क़ैदख़ाना से 620 क़ैदियों को मुंतक़िल किया जा रहा था कि नामालूम अफ़राद ने उस पर फायरिंग करदी थी और चंद इस्लामपसंद क़ैदियों को रिहा करवा लिया था।

मिस्री विज़ारत-ए-दाख़िला ने कहा है कि आँसू गैस छोड़े जाने के बाद भगदड़ और दम घुटने के सबब 36 अफ़राद हलाक हुए हैं लेकिन मुख़ालिफ़ बग़ावत इत्तिहाद ने दावा किया है कि मुर्सी के ख़िलाफ़ बग़ावत के मुख़ालिफ़ 36 इस्लामपसंदों को क़त्ल किए जाने का इस के पास सबूत मौजूद है। इत्तिहाद ने कहा है कि इस क़त्ल-ए-आम से साबित होगया हैकि बग़ावत के मुख़ालिफ़ीन को दानिस्ता इरादे के साथ क़त्ल किया जा रहा है। इस ग्रुप के क़ाइदीन ने कहा है कि इन इस्लामपसंदों के क़त्ल की ज़िम्मेदारी 3 जुलाई को हुई बग़ावत के क़ाइदीन अबदुल फ़तह अलसीसी , वज़ीर-ए-दाख़िला मुहम्मद इबराहीम कामिल और दीगर पर आइद होती है क्योंकि उन की ईमा पर ही ये कार्रवाई की गई है।

बग़ावत के मुख़ालिफ़ इत्तिहाद ने बैन-उल-अक़वामी इदारे के ज़रिये इस वाक़िये के इलावा दीगर जराइम की तहक़ीक़ात करने का मुतालिबा किया है। चहारशंबा से जारी तशद्दुद में 70 फ़ौजी सिपाहीयों और मुलाज़िमीन पुलिस के बशमोल 866 अफ़राद हलाक हो चुके हैं और इख़वानुल मुस्लिमीन के 1000 से ज़ाइद क़ाइदीन-ओ-कारकुनों को मुल्क के मुख़्तलिफ़ शहरों और देहातों से गिरफ़्तार करलिया गया है। लेकिन सेक्यूरिटी ज़राए ने कहा है कि इतवार को क़ाहिरा , सिकंदरीया , असेवित , स्विज़ और दीगर शहरों से 300 अफ़राद गिरफ़्तार किए गए हैं।

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