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मीर‌ मसऊद अली ऐडवोकेट की किताब की आज रस्म इजराई

हैदराबाद ०८सितंबर: ऐडीटर रोज़नामा सियासत जनाब ज़ाहिद अली ख़ां 8 सितंबर हफ़्ता को 5 बजे शाम गोल्डन जुबली हाल अहाता रोज़नामा सियासत आबिद रोड पर सीनीयर ऐडवोकेट जनाब मीर मसऊद अली की ख़ुदनौशत सवानिह हयात मेरे तास्सुरात मेरी ज़िंदगी क

हैदराबाद ०८सितंबर: ऐडीटर रोज़नामा सियासत जनाब ज़ाहिद अली ख़ां 8 सितंबर हफ़्ता को 5 बजे शाम गोल्डन जुबली हाल अहाता रोज़नामा सियासत आबिद रोड पर सीनीयर ऐडवोकेट जनाब मीर मसऊद अली की ख़ुदनौशत सवानिह हयात मेरे तास्सुरात मेरी ज़िंदगी की रस्म इजरा अंजाम देंगी। आंधरा प्रदेश हाईकोर्ट के सीनीयर ऐडवोकेट जनाब प्रताप रेड्डी इस तक़रीब की सदारत करेंगी।

जनाब उसमान शहीद ऐडवोकेट-ओ-रुकन ए पी स्टेट लीगल सरवेस अथॉरीटी, प्रोफ़ैसर फ़ातिमा प्रवीण साबिक़ वाइस प्रिंसिपल आर्टस कॉलिज जामिआ उस्मानिया, जनाब मजीद बेदार साबिक़ सदर शोबा उर्दू जामिआ उस्मानिया और जनाब मुहम्मद इला-ए-उद्दीन अंसारी ऐडवोकेट बहैसीयत मेहमान ख़ुसूसी शिरकत करेंगी।

किताब के मुसन्निफ़ मीर मसऊद अली ऐडवोकेट अगरचे पेशा के एतबार से एक कामयाब वकील रहे हैं, लेकिन उन की हमागीर शख़्सियत सिर्फ अपने पेशा वकालत तकमहिदूद नहीं रही। उन्हों ने जनवरी 1956-ए-में सरकारी मुलाज़मत से अपने कैरीयर काआग़ाज़ किया था और दौरान मुलाज़मत हुसूल-ए-ताअलीम के ज़रीया वकालत की डिग्री हासिल की। रज़ाकाराना सुबकदोशी के बाद उन्हों ने वकालत का आग़ाज़ किया।

मीर मसऊदअली ने जो ज़िंदगी के हर क़दम पर मुख़्तलिफ़ नशेब-ओ-फ़राज़ से गुज़रते रहे हैं।आरामदेह और फ़ायदेमंद पेशा वकालत पर भी इकतिफ़ा नहीं किया और तलाश-ए-मुआश में सऊदी अरब रवाना होगई, जहां इस पेशावर वकील ने बहैसीयत अनजीनर अलशमईसी ऑयल रीफ़ाइनरी में 15 साल तक ख़िदमात अंजाम दिया।

दीढ़ दहाई तक वतन से दूरी ने ग़ौरोफ़िक्र की सलाहीयतों को मज़ीद निखारा। ग़ालिबन यही वजह है कि वो अपनी मुनफ़रद सोनच को कलमबंद करते हुए एक अदीब भी बन गई। जनाब मसऊद अली ऐडवोकेट ने ऐडीटर सियासत जनाब ज़ाहिद अली ख़ान की सहाफ़ती-ओ-मिली ख़िदमात की भरपूर सताइश करते हुए ज़ाहिद अली ख़ां साहिब गुज़शता कई दहाईयों से उर्दू अदब-ओ-सहाफ़त की सरपरस्ती कररहे हैं, जिस के लिए उर्दू के ये दोनों शोबे उन के रहीन मिन्नत हैं।

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