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मुंबई बम धमाके 1993 मुक़द्दमे का फ़ैसला

नई दिल्ली, 21 मार्च: सुप्रीम कोर्ट 1993 के सिलसिला वार मुंबई बम धमाकों के मुक़द्दमे का कल फ़ैसला सुनाएगी जिस में 100 अफ़राद को मुजरिम क़रार दिया जा चुका है। टाडा अदालत ने इन में से 12 को सज़ाए मौत और 20 को सज़ाए उम्र क़ैद सुनाई है। जस्टिस पी सतास

नई दिल्ली, 21 मार्च: सुप्रीम कोर्ट 1993 के सिलसिला वार मुंबई बम धमाकों के मुक़द्दमे का कल फ़ैसला सुनाएगी जिस में 100 अफ़राद को मुजरिम क़रार दिया जा चुका है। टाडा अदालत ने इन में से 12 को सज़ाए मौत और 20 को सज़ाए उम्र क़ैद सुनाई है। जस्टिस पी सतासीवम और जस्टिस बी एस चौहान पर मुश्तमिल बेंच बाली वुड अदाकार संजय दत्त की अपील का फ़ैसला भी करेगी, जिन्हें गै़रक़ानूनी तौर पर असलिहा क़बज़े में रखने के जुर्म में 6 साल की सज़ाए क़ैद सुनाई गई थी, जिस के ख़िलाफ़ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। सी बी आई ने संजय दत्त को सख़्त गीर इन्सिदादे दहशत गर्दी क़ानून, दहश्तगर्दी‍ ओर ख़लल अंदाज़ी की सरगर्मियों के इंसिदाद के क़ानून टाडा के तहत बरी कर देने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है हालाँकि कई आला सतही हमलों से इस के बाद भी शहर मुंबई दहलता रहा है क्योंकि ये कई दहश्तगर्द तंज़ीमों का पसंदीदा निशाना बन चुका है।

12 मार्च 1993 के सिलसिला वार बम धमाकों में 257 अफ़राद हलाक, 713 ज़ख़मी और 28 करोड़ रुपये मालियती जायदाद तबाह होगई थी। ये बम धमाका 12 मुक़ामात पर सिलसिला वार अंदाज़ में किए गए थे। दाऊद इबराहीम, टाइगर मैमन और उन के भाई अय्यूब मैमन मुबय्यना तौर पर बम धमाकों के कलीदी साज़िशी हैं, जिन्हें मफ़रूर मुजरिम क़रार दिया गया है।

वो मुजरिम मुहम्मद इक़बाल और एस एन थापा साबिक़ कस़्टम़्स ऑफीसर जिन्हें सज़ाए उम्र क़ैद सुनाई गई थी, सुप्रीम कोर्ट में मुक़द्दमे की समाअत से पहले ही फ़ौत होचुके हैं। 20 अफ़राद में से जिन्हें उम्र क़ैद सुनाई गई थी एक फ़ौत होगया और 2 को ज़मानत पर रिहा किया गया बाक़ी 17 सज़ाए मौत सुनाए हुए मुजरिमीन के साथ उम्र क़ैद की सज़ा भुगत रहे हैं।

100 मुजरिमीन में से बेशतर ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है और सी बी आई ने 57 अफ़राद की सज़ा में इज़ाफे की दरख़ास्त पेश की है। टाडा अदालत ने 23 मुजरिमों को तमाम इल्ज़ामात से बरी कर दिया था, लेकिन रियास्ती हुकूमत ने 17 मुजरिमीन की रिहाई के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में दरख़ास्त पेश की है।

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