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मुंबई ब्लास्टः संजय दत्त को 5 साल की सजा

नई दिल्ली, 21 मार्च: मुंबई ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म अदाकार संजय दत्त को पांच साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें एक महीने के अंदर सरेंडर करने को कहा है।

नई दिल्ली, 21 मार्च: मुंबई ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म अदाकार संजय दत्त को पांच साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें एक महीने के अंदर सरेंडर करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने आर्म्स एक्ट में गुनाहगार ठहराए गए संजय दत्त की सजा छह साल से घटाकर पांच साल कर दी। टाडा कोर्ट ने उन्हें छह साल की सजा सुनाई थी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संजय दत्त को करीब साढ़े तीन साल जेल में सजा काटनी होगी। वे पहले ही डेढ़ साल जेल में बिता चुके हैं।

जस्टिस पी सदाशिवम और जस्टिस बीएस चौहान की खंडपीठ ने छह कताअत (Segments/ खंड) में लिखित अपने फैसले में उन्हें एक महीने के अंदर सरेंडर करने को कहा है। अभी यह तय नहीं है कि वे कब और कहां सरेंडर करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संजय दत्त की बहन प्रिया दत्त रो पड़ीं। प्रिया ने कहा, ‘क्या कहूं कुछ समझ में नहीं आ रहा है’।

संजय दत्त ने इस मामले में उनके नेक चाल-चलन (अच्छे रवैये) को ध्यान में रखते हुए उन्हें इल्ज़ाम से आज़ाद किए जाने की गुजारिश की थी।

खुसूसी अदालत ने संजय दत्त को 21 जुलाई, 2001 को आर्म्स एक्ट के तहत गैर कानूनी हथियार रखने के जुर्म में 6 साल की सजा सुनाई थी।

मुंबई ब्लास्ट मामले में ही सुप्रीम कोर्ट ने याकूब मेनन की फांसी की सजा को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि याकूब मेमन भगोड़े मुल्ज़िमों के बाद हमले का सबसे बड़ा गुनाहगार है। वहीं, फांसी की सजा पा चुके 10 खातियो/ गुनाहगारों की सजा को कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 1993 के बम धमाकों के पीछे ‌पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी हाथ था। गुनाहगारों को बम बनाने और जदीद हथियारों की तरबियत पाकिस्तान में ही मिली थी।

कोर्ट ने टाडा अदालत में उम्रकैद की सजा पाए 20 मुल्ज़िमों में से 17 की सजा को बरकरार रखा, जबकि एक मुल्ज़िम की उम्रकैद की सजा को 10 साल की कैद में बदल दिया।

1993 के मुंबई धमाकों के मामले में मुल्ज़िमों ने सुप्रीम कोर्ट में सजा के खिलाफ अपील की थी। वहीं सीबीआई ने मांग की कि गुनाहगारों की सजा बढ़ाई जाए।

इस मामले में टाडा कोर्ट ने 12 गुनाहगारों को मौत की सजा सुनाई थी जबकि 20 को उम्रकैद की सजा दी थी।

गौरतलब है कि मुंबई में हुए इन सीरियल ब्लास्ट में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे।

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