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मुकम्मल ज़हनी यक्सूई के साथ इस्लाहात पर तवज्जा की ज़रूरत

मर्कज़ी वज़ीरे फाइनेंस अरूण जेटली ने कहा है कि मुल्क में सरमायाकारी और तरक़्क़ी के फ़रोग़ के लिए हुकूमत भरपूर ज़हनी यक्सूई के साथ तवज्जा मर्कूज़ करते हुए इन इस्लाहात को जारी रखेगी जिन पर पेशरफ़्त में वो हालिया चंद माह के दौरान नाकाम रही है।

जेटली ने यहां सी आई आई पार्टनरशिप चोटी कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए कहा कि अगर (हिन्दुस्तान को) वाकई तरक़्क़ी करना है तो ये ज़ाहिर है कि हमारी अवामी और ख़ानगी सरमायाकारी में इज़ाफ़ा करना होगा।

हमारी चंद इसलाहात जिन पर गुज़िश्ता चंद माह के दौरान पेशरफ़्त नहीं हो सकी है उन पर मुकम्मल ज़हनी यक्सूई के साथ तवज्जा मर्कूज़ करना होगा। चंद अहम इस्लाहात में गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स बिल भी शामिल है जिन पर हुकूमत पेशरफ़्त नहीं कर सकी। ये बिल कांग्रेस की शदीद मुख़ालिफ़त के सबब राज्य सभा में तात्तुल का शिकार बनी हुई है।

तरक़्क़ी के फ़रोग़ के लिए तमाम सतहों पर तेज़ रफ़्तार इस्लाहात की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए जेटली ने कहा कि दुनिया एक इंतिहाई दुशवारकुन और इमतिहानी मरहला से गुज़र रही है और ये दुश्वारियाँ हमारे इंतेज़ामी निज़ाम में भी सरायत कर सकती हैं।

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