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मुख़्तलिफ़ फार्मेसीज़ पर धावे 81ग़ैर लाईसैंस याफ़ता

हैदराबाद। 24 नवंबर ( सियासत न्यूज़) शहर में फार्मासिस्टस डॉक्टर्स का रोल अंजाम दे रहे हैं और उन की ग़लत दवाईयों की निशानदेही और मर्ज़ की ग़लत तशख़ीस के बाइस मर्ज़ घुटने के बजाय बढ़ता जा रहा है ।

हैदराबाद। 24 नवंबर ( सियासत न्यूज़) शहर में फार्मासिस्टस डॉक्टर्स का रोल अंजाम दे रहे हैं और उन की ग़लत दवाईयों की निशानदेही और मर्ज़ की ग़लत तशख़ीस के बाइस मर्ज़ घुटने के बजाय बढ़ता जा रहा है ।

ऐसे कई वाक़ियात पेश आए हैं जिस से उन नीम हकीम फार्मासिस्ट की क़लई खुल गई है । एक इसी तरह का वाक़िया जे एन टी यू के वाच मैन की बेटी के साथ पेश आया जो डावरिया में मुबतला थी उसे एक फार्मासिस्ट ने ऐसी दवाएं दें कि वो फ़ौत होगई लेकिन इस फार्मासिस्ट के ख़िलाफ़ कोई भी केस दर्ज नहीं किया गया क्योंकि इस ने वाच मैन को 20 हज़ार रुपय में ख़रीद लिया था ।

ऐसे मुतअद्दिद केसेस मंज़रे आम पर आरहे हैं जिस से पता चलता है कि ग़ैर तालीम-ए-याफ़ता फार्मासिस्ट डाक्टर का रोल अदा कररहे हैं और ऐसी दवाएं तजवीज़ कररहे हैं कि फ़ायदा के बजाय नुक़्सानदेह साबित होरही हैं । इन केसेस को मद्द-ए-नज़र रखते हुए ड्रग्स कंट्रोल ऐडमिनिस्ट्रेशन ( डी सी ए ) ने 406 मैडीकल रीटेल दुकानों पर छापे मारे ताकि इस तरह के ग़लत रुजहान पर कंट्रोल किया जा सके । इस छापे में डी सी ए ने 281 मैडीकल स्टोरस की निशानदेही की जहां गै़रक़ानूनी तौर पर दवाएं फ़रोख़त की जा रही हैं ।

ये मैडीकल स्टोरस ना सिर्फ ये कि ग़ैर इंदिराज याफ़ता हैं बल्कि उन के पास कोई एक्सपर्ट भी नहीं है और ये लोग बगै़र बुल्स के दवाएं फ़रोख़त कररहे हैं । इस सिलसिला में इस बात का भी इन्किशाफ़ किया गया कि रियासत में 52,600 मैडीकल स्टोरस हैं लेकिन इन में 70फ़ीसद मैडीकल स्टोरस ऐसे हैं जो गै़रक़ानूनी तौर पर चलाए जा रहे हैं और ये डी सी ए ऐक्ट की ख़िलाफ़वरज़ी कररहे हैं । बाअज़ अज़ला में डी सी ए के मुताबिक़ तमाम ड्रग स्टोरस ऐसे हैं जिन का रजिस्ट्रेशन नहीं है ।

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