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मुजफ्फनगर दंगा मामले में बीजेपी के एमएलए सुरेश राणा गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर में दंगे फैलाने के इल्ज़ाम में आज शामली जिले के थाना भवन इलाके से बीजेपी एमएलए सुरेश राणा को शाम पांच बजे के करीब पुलिस ने दारुल हुकूमत के गोमतीनगर और हजरतगंज इलाके की सरहद पर गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार किए गए बीजेपी के

मुजफ्फरनगर में दंगे फैलाने के इल्ज़ाम में आज शामली जिले के थाना भवन इलाके से बीजेपी एमएलए सुरेश राणा को शाम पांच बजे के करीब पुलिस ने दारुल हुकूमत के गोमतीनगर और हजरतगंज इलाके की सरहद पर गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार किए गए बीजेपी के एमएलए सुरेश राणा को जिला मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जज के घर सुनवाई के बाद राणा को 20 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया है।

इसके पहले, मुजफ्फरनगर दंगे के मुल्ज़िमों की गिरफ्तारी का दौर आज ( जुमा) से शुरू हो गया। सबसे पहली गिरफ्तारी बीजेपी लीडर सुरेश राणा की हुई। वह शामली के थाना भवन से बीजेपी के एमएलए हैं।

सुरेश राणा पर दंगे के दौरान लोगों के जज़्बातो को भड़काने, उन्हें दंगे के लिए उकसाने, सरकारी काम में रुकावट डालने, दफा144 की खिलाफवर्जी करने के इल्ज़ाम में मुकदमा दर्ज था। यह मुकदमा दफआत 188, 153 क, 353, 435 व 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत दर्ज था।

राणा को स्पेशल टास्क फोर्स ने आज ( जुमा) शाम गिरफ्तार किया। सेशन के आखिरी इजलास के बाद राणा विधानसभा के सामने वाकेय् बीजेपी के दफ्तर गए। वहां से वह गोमतीनगर जा रहे थे कि रास्ते में एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी हजरतगंज इलाके में की गई, लेकिन बाद में उन्हें गोमतीनगर थाने ले जाया गया।

जानकारी के मुताबिक, राणा को गोमती नगर थाने से मीराबाई मार्ग वाकेय् स्टेट गेस्‍ट हाउस में ले जाया गया। गिरफ्तारी के बाद राणा ने कहा, ‘मैं भगौड़ा या मुजरिम नहीं हूं। मुजरिमो की तरह मेरी गिरफ्तारी सरासर गलत है।’

गौरतलब है कि दो दिनों से गिरफ्तारी के इम्कान जताए जा रहे थे। जुमे के दिन असेम्बली सेशन खत्म होते ही गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हो गया। इसके पहले सपा के लीडर अंबिका चौधरी ने इस बात के इशारे भी दे दिए थे। उन्होंने सदन की कार्यवाही से निकलते ही कहा था कि दंगों के खातियों को बख्‍शा नहीं जाएगा।

इसी मामले में नामजद बीजेपी एमपी हुकुम सिंह राणा से मिलने गोमतीनगर थाने पहुंचे, लेकिन बाहर से ही वापस चले गए। पुलिस को इसकी इत्तेला होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी की कोई कोशिश नहीं की गयी । हालांकि, अफसरों का दावा है कि बाकी एमपी की गिरफ्तारी के लिए कोशिश की जा रही है।

राणा की गिरफ्तारी पर बीजेपी ने एहतिजाज करना शुरू कर दिया है। रियासत के सदर लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि गिरफ्तारियों से बीजेपी और मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि एक नहीं 10 लीडरो की गिरफ्तारी की जानी चाहिए।

उन्होंने रियासती हुकूमत की नीयत पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जब 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है, तो सिर्फ हमारे एक एमपी को क्यों गिरफ्तार किया गया। खबर आ रही है कि बीजेपी के कौमी सदर ष राजनाथ सिंह भी कल मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे।

बीजेपी के सुरेश राणा ने ऐवान (सदन) में अपना मौकिफ रखते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे में उनका कोई किरदार नहीं है। उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि इन दंगों के पीछे सपा के लोगों का हाथ था।

राणा ने कहा कि जिस महापंचायत में उनके इश्तेआल अंगेज (भड़काऊ) तकरीर की बात कहकर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही जा रही उसकी कोई सीडी या दूसरे सुबूतय हो तो वह कोई भी सजा भुगतने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर के एक सपा के सीनीयर लीडर ने साफ तौर पर कहा है कि इन दंगों में दो वज़ीर शामिल हैं।

मुकदमे में सुरेश राणा के साथ खैराना से बीजेपी एमएलए हुकुम सिंह, सरधना से बीजेपी एमएलए संगीत सोम और बिजनौर के बीजेपी एमएलए भारतेंदु सिंह के इलावा भाकियू के कौमी तरजुमान राकेश टिकैत, कौमी सदर राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत, रालोद के जिला सदर अजीत राठी, बीजेपी के साबिक एमएलएअशोक कंसल, साबिक एमपी सोहनवीर सिंह, साबिक एमएलए प्रदीप बालियान समेत 40 से ज़्यादा लोग नामजद किए गए थे।

बशुक्रिया: अमर उजाला

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