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मुल्क के टोटल लेप्रोसी के मरीजों में 13.6 फीसद मरीज बिहार में

पटना : ज़जाम मरीजों को खत्म करने की मुहिम में हर साल सामने आ रहे नये मामले एक बड़ी चैलेन्ज बनकर उभरे हैं। पुराने मरीज चंगा होते हैं, तो बड़ी तादाद में नये लोगों को इसका छूत लग जाता है। ताजा अदाद के मुताबिक, मुल्क के कुल लेप्रोसी मरीजों का 13.36 फीसद बिहार में हैं। यूपी में मुल्क के सबसे ज्यादा 18.15 फीसद लेप्रोसी रोगी हैं। माहिरीन का मानना है कि रोग को छुपाने वाले इन्फेक्शन की एक बड़ी वजह बन रहे हैं। बिहार में 2015-16 में सितंबर तक करीब दस हजार नये मरीजों का पता चला है।

मुल्क में 1955 से लेप्रोसी को ख़त्म करने का प्रोग्राम चल रहा है। 2005 में 32 रियासतों ने इस रोग के ख़त्म करने का टारगेट हासिल कर लिया था। लेकिन, कुछ ही दिन बाद इस रोग के नये मामले सामने आने के बाद नये सिरे से कोशिश शुरू हुआ। सरकारी जुबान में लेप्रोसी को ख़त्म करने का मतलब है कि फी दस हजार की आबादी पर एक या इससे कम रोगी हों।

मुल्क में 137 जिले ऐसे हैं, जहां लेप्रोसी के मरीज़ की प्रचलन शरह से एक ज्यादा है, जिनमें बिहार के 20 जिले हैं। रियासत के चार जिलों में तो यह शरह दो या उससे ज्यादा है। हालांकि बिहार की मौजूदा चल रही शरह 0.98 है। हाल ही में लोकसभा में एक सवाल के जवाब में मर्क़ज़ी हुकूमत ने लेप्रोसी मरीजों का ताजा अदाद पेश किया। इसके मुताबिक, सितंबर, 2015 तक पूरे मुल्क में 93379 लेप्रोसी मरीज़ थे। चार रियासतों – यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और दादर और नगर हवेली में सबसे ज्यादा लेप्रोसी मरीज़ हैं। बिहार में यह तादाद 12478 है। सितंबर, 2015 तक 9911 नये मरीज़ सामने आये। रियासत में सबसे ज्यादा लेप्रोसी रोगी कैमूर जिले में हैं.

लेप्रोसी एंटी प्रोग्राम के तहत जारी रकम

01 जनवरी, 2016 को 78.30 लाख
16 दिसंबर, 2015 को 4.50 करोड़
07 अक्तूबर, 2015 को 2.20 करोड़
31 जुलाई, 2015 को 21.85 करोड़
13 मई, 2015 को 16.56 करोड़

दस जिले, जहां सबसे ज्यादा लेप्रोसी मरीज़
जिला मौजूदा शरह
कैमूर 2.53
बांका 2.07
लखीसराय 2.07
बक्सर 2.00
शिवहर 1.67
अररिया 1.59
रोहतास 1.21
सारण 1.20
पूर्णिया 1.17
शेखपुरा 1.15

(मौजूदा शरह : फी दस हजार पर रोगियों की तादाद है)

 

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