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मुल्क के नाम मनमोहन का जज़्बाती पैगाम

वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह ने आज इस्तीफा देने से पहले मुल्क के नाम जज़बाती पैगाम दिया। उन्होंने अपने छोटे से खिताब में कहा कि मेरी ज़िंदगी और दौर ए इक्तेदार खुली किताब है। उन्होंने कहा, ‘मुझे जो कुछ भी मिला इस मुल्क की वजह से मिला। इस मुल्क ने बंटवारे से बेघर हुए एक बच्चे को इतने ऊंचे ओहदे तक पहुंचाया, मैं इस कर्ज को कभी चुका नहीं सकता।’ उन्होंने नई हुकूमत को मुबारकबादी देते हुए कहा कि हम सभी हम वतन को 2014 के आवामी राय का एहतेराम करना चाहिए। पीएम ने कहा कि ‘हिंदुस्तान में तरक्की और पेशए रफ्त की बड़ी ताकत है, हम सभी को अपनी इस ताकत को महसूस करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।’

उन्होंने कहा, ‘प्यारे हमवतन , आज मैं आपको बतौर पीएम आखिरी बार खिताब कर रहा हूं। दस साल पहले इस जि़म्मेदारी को संभालते वक्त मैंने अपनी पूरी मेहनत से काम करने और सचाई के रास्ते पर चलने का यकीन किया था। मेरी खुदा से दुआ थी कि मैं हमेशा सही काम करूं। आज, जब पीएम का ओहदा छोड़ने का वक्त आ गया है, मुझे अहसास है कि खुदा के आखिरी फैसले से पहले, सभी चुने गए नुमाइंदो और सरकारों के काम पर जनता की अदालत भी फैसला करती है। मेरे प्यारे हमवतन , आपने जो फैसला दिया है, हम सभी को उसका एहतेराम करना चाहिए।’

वज़ीर ए आज़म ने कहा, ‘इन लोकसभा इंतेखाबात से हमारी जम्हूरी निज़ाम की जड़ें मजबूत हुई हैं। जैसा मैंने कई बार कहा है, मेरी आवामी ज़िंदगी एक खुली किताब है। मैंने हमेशा अपनी पूरी ताकत से अपने अज़ीम कौम / मुल्क की खिदमत करने की कोशिश की है। पिछले दस सालों के दौरान हमने बहुत सी कामयाबियां हासिल की हैं जिन पर हमें फख्र है। आज हमारा मुल्क हर मायने में दस साल पहले के हिंदुस्तान से कहीं ज्यादा मजबूत है।

मुल्क की कामयाबियों का सेहरा मैं आप सबको देता हूं। लेकिन अभी भी हमारे मुल्क में तरक्की की बहुत से इम्कानात हैं, जिनका फायदा उठाने के लिए हमें एकजुट होकर कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।’

जज़्बाती लहजे में मनमोहन ने कहा, ‘पीएम का ओहदा छोड़ने के बाद भी आपके प्यार और मोहब्बत की याद हमेशा मेरे जहन में ताजा रहेगी। मुझे जो कुछ भी मिला है, इस मुल्क से ही मिला है। एक ऐसा मुल्क जिसने बंटवारे की वजह से बेघर हुए एक बच्चे को इतने ऊंचे ओहदे तक पहुंचा दिया।

यह एक ऐसा कर्ज है जिसे मैं कभी अदा नहीं कर सकता। यह एक ऐसा एजाज भी है जिस पर मुझे हमेशा फख्र रहेगा। दोस्तों , मुझे हिंदुस्तान के मुस्तकबिल के बारे में पूरा इत्मीनान है। मुझे पक्का यकीन है कि वह वक्त आ गया है जब हिंदुस्तान दुनिया की बदलती हुई मआशियत में एक अहम ताकत के तौर पर उभरेगा।

मेरी दुआ है कि आने वाली हुकूमत अपने काम-काज में हर तरह से कामयाब रहे। मैं अपने मुल्क के लिए और भी बड़ी कामयाबी की ख्वाहिश करता हूं।’

दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वज़ीर ए आज़म सदर जम्हूरिया से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके साथ ही यूपीए 2 का दौर ए इक्तेदार खत्म हो जाएगा।

सदर जम्हूरिया सुबकदोश होने वाली हुकूमत के लिए आज डिनर का इंतेज़ाम कर रहे हैं।

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