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मुसलमानों की तरक़्क़ी के लिए तहफ़्फुज़ात नागुज़ीर

नई रियासत तेलंगाना के क़ियाम के बाद इक़तिदार में आने वाली हुकूमत मुसलमानों को 10 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात फ़राहम करते हुए मुसलमानों के साथ पिछ्ले 40 साल से हुई नाइंसाफ़ीयों की पाबजाई होगी और बेरोज़गार मुसलमानों को बंक के बजाये हुकूमत रास्त तौर प

नई रियासत तेलंगाना के क़ियाम के बाद इक़तिदार में आने वाली हुकूमत मुसलमानों को 10 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात फ़राहम करते हुए मुसलमानों के साथ पिछ्ले 40 साल से हुई नाइंसाफ़ीयों की पाबजाई होगी और बेरोज़गार मुसलमानों को बंक के बजाये हुकूमत रास्त तौर पर क़र्ज़ फ़राहम करे इन ख़्यालात का इज़हार साबिक़ा रियासती वज़ीर टी जीवन रेड्डी सुबह अपने घर पर तेलंगाना मुस्लिम एम्पलॉयज़ एसोसीएशन की तरफ से शाय करदा साल 2014 के कैलेंडर का रस्म इजरा अंजाम देने के बाद कहा।

इस मौके पर उन्होंने मुख़ातब करते हुए कहा कि हिंदुस्तान में हर क़ौम को तहफ़्फुज़ात हासिल करने का जमहूरी हक़ है। तहफ़्फुज़ात सिर्फ़ हिंदू क़ौमों तक महिदूद रहने की वजह से मुसलमानों का सरकारी मुलाज़मत में ही नहीं दुसरे शोबे में पिछ्ले 40 साल से बहुत बड़ा नुक़्सान हुआ है।

मुसलमानों को भी तफ़सीलात फ़राहम करना हुकूमत की ज़िम्मेदारी है। अगर 5 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात भी मुसलमानों को पहले दिया जाता तो आज मलसमानों का सरकारी महिकमों में 10 फ़ीसद तनासुब होता।

5 फ़ीसद आम ज़मुरा में आते हैं। उन्होंने कहा कि आज अगर मुसलमान रोज़गार के लिए ख़लीजी बैरून मुल्क ना जाते तो कई मुस्लिम ख़ानदान का गुज़र बसर मुश्किल था।

आज ख़लीजी मुमालिक की वजह से कई मुस्लिम ख़ानदान का गुज़र बसर चल रहा है। इन बेरोगार नौजवानों को सेल्फ हेल्प सकीमात और वेलफेयर प्रोग्राम को रूबा अमल लाते हुए उन्हें रोज़गार फ़राहम करना हुकूमत की ज़िम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि क़र्ज़ की इजराई में बैंक को ज़मानत की फ़राहमी लाज़िमी क़रार देना मुनासिब नहीं की गरीब रहने की वजह से ही क़र्ज़ हासिल कर रहे हैं। उस गरीब को ज़मानत कौन देगा और उन्होंने कहा कि देही इलाक़ों में महात्मा गांधी रोज़गार स्कीम के तहत ख़वातीन को रोज़गार की फ़ार हिमी अमल में आरही लेकिन मुस्लिम ख़वातीन गोशे में रहने से उन्हें इस स्कीम से फ़ायदा नहीं हो रहा है ।

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