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मुसलमानों के विकास के बिना भारत का विकास संभव नहीं: जस्टिस राजेंद्र सच्चर

नई दिल्ली। भारत में मुसलमानों की शैक्षिक, सामाजिक संगठन आर्थिक स्थिति के संबंध में महत्वपूर्ण रिपोर्ट तैयार करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश राजेन्द्र सच्चर ने आज कहा कि मुसलमानों के विकास के बिना भारत की सम्पूर्ण विकास संभव नहीं है।

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न्यूज़ नेटवर्क समूह प्रदेश 18 के अनुसार अमेरिकन फेडरेशन ऑफ मुस्लिम ऑफ इंडियन ओरिजन के पच्चीसवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए जस्टिस राजेंद्र सच्चर ने कहा कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट मात्र मुसलमानों के लिए नहीं तैयार की गई बल्कि अन्य देशों के साथ मुसलमानों के विकास की तुलना है। उन्होंने यह तमन्ना जाहिर की है कि सभी धर्मों के अनुयायी तरक्क़ी करें और दावा किया कि मुसलमानों के विकास के बिना भारत का विकास संभव नहीं है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रयास कर रही है। सरकार अपने कुल बजट का 25% केवल शिक्षा पर ही खर्च कर रही है जो भारत में कोई अन्य राज्य नहीं करती। हमारा उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करना और उनकी प्रतिभा को उजागर करना है ।

एफमी के संस्थापक ट्रस्टी डॉ। ए एस नाकीदार ने बताया कि एफमी के दो दिवसीय सिल्वर जुब्ली सम्मेलन में पूरे भारत के 135 मुस्लिम छात्र-छात्राओं को पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने 2016 में दसवीं और बारहवीं कक्षा में सबसे ज्यादा अंक हासिल किए हैं। दिल्ली में एफमी के प्रोग्राम पार्टनर दिल्ली यूथ वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष और कन्वेंशन अध्यक्ष मोहम्मद नईम ने अपने भाषण में दिल्ली के शैक्षिक संस्थानों के ताबनाक अतीत का जिक्र करते हुए वर्तमान की बदहाली पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुसलमान हालांकि उनकी सहायता कर रहे हैं लेकिन वह अपर्याप्त है। लास वेगास के डॉक्टर असलम अब्दुल्ला ने सम्मेलन में निदेशालय के कर्तव्यों का पालन किया।

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