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मुस्लिम इन्वेन्टर मोहम्मद ख्वारिज़मी ने दुनिया को Algebra से रू-ब-रू कराया

मोहम्मद इब्न मूसा अल-ख्वारिज़मी जिन्हें अंग्रेज़ी बोलने वाले अलगोरित्मी के नाम से जानते हैं. इब्न मूसा ख्वारिज़मी की पैदाइश तक़रीबन 780 के क़रीब इस्लामिक गोल्डन ऐज के ज़माने में ख्वारिज़्म में हुई. ख्वारिज़मी को दुनिया के सबसे बड़े मैथमटीशियन में से एक माना जाता है. उन्होंने अपनी किताब “अल-किताब अल-मुख़्तसर फ़ी हिसाब अल-जब्र वाल-मुक़ाबला” में ‘डेसीमल पोजीशन नंबर सिस्टम’ के बारे में बताया और पहली बार दुनिया को लीनियर और क्वैडरैटिक इक्वेशन से रू-ब-रू कराया. यूरोप के रिनेसा में इन्हें अलजेब्रा का इन्वेन्टर माना जाता था जबकि आज के दौर के कुछ लोगों का सोचना है कि ख्वारिज़मी ने मैथ के लिए शानदार काम किया है.

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“अलजेब्रा” शब्द भी उन्हीं की किताब से लिया गया है. अरबी में लिखी गयी इस किताब का तर्जुमा लैटिन में चेस्टर के रोबर्ट ने किया, लैटिन ट्रांसलेशन का “नाम” ‘लिबेर अल्जेब्राए एट अल्मुकाबाला’ है.

The_Algebra_of_Mohammed_ben_Musa_(Arabic)

The_Algebra_of_Mohammed_ben_Musa_(English)

उनकी अरिथमेटिक के ऊपर बेस्ड किताब की असली अरबी कॉपी मौजूद नहीं है लेकिन उसका लैटिन ट्रांसलेशन जिसे “डिकसिट अल्गोरिज़मी” के नाम से जाना जाता है काफ़ी मशहूर है.

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उन्होंने ट्रीगोनोमेट्री के लिए साइन और कोसाइन के फंक्शन के बारे में बताया.

अल मूसा ख्वारिज़मी ने मैथ, जियोग्राफी और एस्ट्रोनॉमी के लिए शानदार काम किया है. उन्होंने जियोग्राफी की अपनी किताब ‘किताब सूरत अल-अर्ज़’ में प्तोलेमी के काम को समझाने की कोशिश की.

मोहम्मद इब्न मूसा अल-ख्वारिज़मी का इन्तेक़ाल तक़रीबन 850 में हुआ.

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