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मुस्लिम तालीमी इदारों से योगा डे ना मनाने की अपील

हैदराबाद 19 जून:उल्मा ने अपने सहाफ़ती बयान में कहा कि सूर्य नमसकार योग सरसोती पूजा वंदे मातरम ग़ैर इस्लामी-ओ-हराम है इसे करने वाले गुनाह कबीरा के मुर्तक़िब होंगे। 21 जून को आलमी योगा डे मनाया जा रहा है। जिस में मुस्लमानों को शामिल करने औ

हैदराबाद 19 जून:उल्मा ने अपने सहाफ़ती बयान में कहा कि सूर्य नमसकार योग सरसोती पूजा वंदे मातरम ग़ैर इस्लामी-ओ-हराम है इसे करने वाले गुनाह कबीरा के मुर्तक़िब होंगे। 21 जून को आलमी योगा डे मनाया जा रहा है। जिस में मुस्लमानों को शामिल करने और उन पर ज़बरदस्ती मुसल्लत करने की कोशिश की जा रही है

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की मनज़ोरा करदा क़रार की ताईद करते हुए उल्मा किराम ने कहा कि योगा सूर्य नमस्कार हराम है ।इस से इजतेनाब करना चाहीए और बच्चों को स्कूलों में इस तरह की वरज़िश और प्रैक्टिस से सख़्त मना करना चाहीए।

योगा दरअसल हिंदू मज़हबी किताबों और शास्त्रों से साबित है ये अच्चारियों महाऋषियों और पंडितों गुरों के लिए एक मज़हबी मख़सूस इबादत का हिस्सा है जिस के ज़रीये वो आत्मा और परमात्मा में ज़म करता है।

इस्लामी अक़ाइद के मुताबिक़ ये सरासर कुफ्र और इस्लाम की बुनियादी तालीमात के ख़िलाफ़ है। ये ख़ुश आइंद बात हैके मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला राज नाथ सिंह ने ये एलान किया हैके योगा और सूर्य नमस्कार लाज़िमी नहीं किया गया है। ये इख़तियारी बात है चाहे तो करें या छोड़ दें।

मुसलमानान हिंद को मीडीया के प्रोपगंडे से मरऊब होने की ज़रूरत नहीं है। मुस्लिम तालीमी इदारों असरी स्कूल के मैनेजमेंट से गुज़ारिश की जाती है वो योगा डे ना मनाएं। इतवार होने की वजह से अपने स्कूल बंद रखें। दीनी इस्लामी जमातों उल्मा-ओ-क़ाइदीन और अमाइदीन से ख़ुसूसी गुज़ारिश हैके वो अपना दो टोक मौक़िफ़ रखें और खुल कर योगा और सूर्य नमस्कार वंदे मातरम सरस्वती पूजा को हराम-ओ-गुनाह कबीरा क़रार दें ताके आमतु अलमुस्लिमीन में सही इस्लामी शऊर बेदार हो और इस तरह की तहज़ीबी यलग़ार की कोशिश नाकाम होजाए।

मुशतर्का बयान जारी करने वालों में मौलाना हुसाम उद्दीन सानी जाफ़र पाशा अमीर इमारत मिल्लत-ए-इस्लामीया मौलाना शाह जमाल अलरहमन साहिब सदर दीनी मदारिस बोर्ड मौलाना मुफ़्ती सादिक़ मौलाना सय्यद अहमद वमीज़ नदवी ख़तीब मस्जिद सुलतान नवाज़ जंग और मौलाना मज़ाहरी के अलावा दुसरे शामिल हैं।

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