Monday , October 23 2017
Home / India / मुस्लिम दुश्मनी का ता॔स्सुर ज़ाइल ( बरबाद/नष्ट)) करने बी जे पी की कोशिश

मुस्लिम दुश्मनी का ता॔स्सुर ज़ाइल ( बरबाद/नष्ट)) करने बी जे पी की कोशिश

नई दिल्ली, १३ अक्तूबर (पी टी आई) मुसलमानों तक रसाई (पहुंच) हासिल करने की कोशिश करते हुए बी जे पी ने आज अक़ल्लीयती ( अल्पसंख्यक) ख्वातीन की एक ख़ुसूसी चोटी(उच्च स्तर की)कान्फ्रेंस मुनाक़िद की, जिस में बी जे पी ज़ेर इक़तिदार ( शासित) रियास्त

नई दिल्ली, १३ अक्तूबर (पी टी आई) मुसलमानों तक रसाई (पहुंच) हासिल करने की कोशिश करते हुए बी जे पी ने आज अक़ल्लीयती ( अल्पसंख्यक) ख्वातीन की एक ख़ुसूसी चोटी(उच्च स्तर की)कान्फ्रेंस मुनाक़िद की, जिस में बी जे पी ज़ेर इक़तिदार ( शासित) रियास्तों में सरकारी स्कीमों पर अमल आवरी ( प्रतिक्रिया) का इज़हार किया गया, ताकि ये पैग़ाम दिया जा सके कि बी जे पी अक़ल्लीयत दुश्मन नहीं है।

चोटी कान्फ्रेंस में इख्ततामी ख़ुतबा देते हुए, जिसमें मुल्क के मुख़्तलिफ़ ( अलग अलग) इलाक़ों से मुस्लिम ख़वातीन ने शिरकत की, क़ाइद अपोज़ीशन ( विपक्ष की नेता) लोक सभा सुषमा स्वराज ने कहा कि बी जे पी मुल़्क की जुमला 9 रियास्तों पर बरसर-ए-इक्तदार ( शासित) है।

हुकूमत की स्कीम्स पर अमल आवरी में इन रियास्तों में मज़हब कोई रुकावट नहीं है, चाहे वो मध्य प्रदेश हो, छत्तीसगढ़, गोवा या नरेंद्र मोदी का गुजरात। सुषमा स्वराज ने दावा किया कि जब हाल ही में मोदी के ज़ेर-ए-एहतिमाम सदभावना यात्रा में शिरकत के लिए उन्होंने गुजरात का दौरा किया तो देखा कि रियासत में मुक़ीम ( रहने वाले/ नीवासी) अक़ल्लीयतों से कोई तास्सुब (धार्मिक/अनुचित पक्षपात) बरता नहीं जा रहा है।

उन्होंने याददहानी ( याद दिलाया) की कि एक क़ौमी इजतिमा में पी डी पी की क़ाइद ( लीडर) महबूबा मुफ़्ती ने भी कहा था कि गुजरात में मुसलमानों से कोई तास्सुब नहीं बरता जाता। उन्होंने फ़लाही स्कीमों पर अमल आवरी के लिए दिल खोल कर मध्य प्रदेश के चीफ़ मिनिस्टर शिवराज सिंह चौहान की तारीफ़ की।

उन्होंने कहा कि फ़लाही स्कीमों से इस्तिफ़ादा करने वालों की जुमला तादाद में 10 फ़ीसद मुस्लिम तबक़ा से ताल्लुक़ रखता है। मआशी तौर पर पसमांदा तबक़ात की लड़कीयों की शादी की स्कीम कन्यादान योजना से भी मुस्लिम ख़वातीन को फ़ायदा हुआ है और आइन्दा इंतिख़ाबात में बी जे पी के वोट बैंक में 10 फ़ीसद का इज़ाफ़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि हमारे हरीफ़ ( प्रतिद्वंद्वी/ शत्रु) एतराज़ करते हैं कि हम मुसलमानों के लिए क्यों काम कर रहे हैं, जब कि मुसलमान बी जे पी को वोट नहीं देते। उन्होंने कहा कि ये हरीफ़ जमातों की ग़लतफ़हमी है। वो खुल कर कह देना चाहती हैं कि बी जे पी अक़ल्लीयत दुश्मन नहीं है, बल्कि ऐसी गलतफहमियां हमारी हरीफ़ ( प्रतिद्वंद्वी) सयासी ( राजनितिक) पार्टीयों ने पैदा की हैं।

TOPPOPULARRECENT