Saturday , August 19 2017
Home / India / मुस्लिम धर्मगुरु नाईक के संपर्क में थे दोनों बेटे, वालिद ने कबूला

मुस्लिम धर्मगुरु नाईक के संपर्क में थे दोनों बेटे, वालिद ने कबूला

नई दिल्ली : केरल के कासरगोड़ और पलक्कड़ जिले के 17 लडकों के आईएस में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। आईएस में शामिल होने वालों में तीन लडकियां भी शामिल है। एक लडकी का नाम फातिमा बताया जा रहा है। ये सभी लोग करीब एक महीने से गायब बताए जा रहे है। वहीं, लापता युवक के पिता ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में बडा खुलासा किया है। लापता युवक के पिता ने बताया कि उसके दोनों बेटे एशाह और याहिया कई बार मुंबई गए है। वहां पर वे दोनों मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाईक से मिले थे। उन्होंने बताया कि दोनों बेटे नाईक से प्रेरित थे और कई बार मुलाकात की। इतना ही नहीं, अपनी बहन के दामाद को भी जाकिर के पास लेकर गए थे। लापता युवकों के परिजनों को संदेह है कि ये लोग शायद आईएसआईएस में शामिल हो गए हैं। कासरगोड़ के सांसद पी करूणाकरण ने कहा कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पुलिस को मामले की जल्द से जल्द जांच करने का आदेश दिया है।
मां बिंदु के मुताबिक 25 वर्षीय बेटी निमिशा अपने पति के साथ गत 16 मई को अपने घर आई थी। वह उस वक्त प्रेग्नेंट थी। 18 मई को उनकी बेटी ने फोन कर बताया कि वह कुछ काम से श्रीलंका जा रही है। बार बार पूछने पर भी उसने यह नहीं बताया कि वह कहां से फोन कर रही है। उन्होंने बताया, ‘चार जून तक मुझे संदेश मिला करते थे, लेकिन इसके बाद मेरी बेटी के बारे में कोई सूचना नहीं है।’ बिंदु ने कहा कि उसकी बेटी निमिशा जब एक ईसाई युवक से मिली और उससे साल 2015 में शादी की, उस समय वह कासरगोड में डेंटल की अंतिम वर्ष की विद्यार्थी थी। बाद में निमिशा ने अपने पति के साथ धर्म परिवर्तन कर लिया। साथ ही बताया कि उन्हें निमिशा के पति के बारे में ज्यादा नहीं पता है। केवल इतना पता है कि वह 32 साल का है और उसने एमबीए कर रखी है।
युवकों के परिवार वालों ने बताया कि उन्हें इन युवकों के बारे में पिछले एक महीने से कोई जानकारी नहीं मिली है। लापता लोगों में एक दंपति शामिल है। परिवार वालों को संदेह है कि पश्चिम एशिया में धार्मिक अध्ययन के सिलसिले में गए इन युवकों को कट्टरपंथ ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है।

TOPPOPULARRECENT