Friday , October 20 2017
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मुस्लिम नौजवानों को मुआवज़ा ना देने के अहकाम को चैलेंज

चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी ने मक्का मस्जिद बम धमाका में बेक़सूर पाए जाने वाले मुस्लिम नौजवानों को मुआवज़ा की अदायगी के ख़िलाफ़ रियास्ती हाईकोर्ट के फ़ैसले पर माहिरीन क़ानून से मुशावरत का फ़ैसला किया है।

चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी ने मक्का मस्जिद बम धमाका में बेक़सूर पाए जाने वाले मुस्लिम नौजवानों को मुआवज़ा की अदायगी के ख़िलाफ़ रियास्ती हाईकोर्ट के फ़ैसले पर माहिरीन क़ानून से मुशावरत का फ़ैसला किया है।

चीफ़ मिनिस्टर ने आज अदालत के फ़ैसले पर वज़ीर-ए-क़लीयती बहबूद अहमद उल्लाह, चीफ़ सेक्रेटरी डक्टर पी के मोहंती, सेक्रेटरी अक़लीयती बहबूद अहमद नदीम, सेक्रेटरी क़ानून और दुसरे आला ओहदेदारों के साथ मीटिंग मुनाक़िद किया।

चीफ़ मिनिस्टर के दफ़्तर के ज़राए ने बताया कि हुकूमत अदालत के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ नज़रसानी की अपील दायर करने पर संजीदगी से ग़ौर कररही है ताहम क़तई फ़ैसला माहिरीन क़ानून से मुशावरत के बाद ही किया जाएगा।

बताया जाता हैके चीफ़ मिनिस्टर ने मीटिंग में कहा कि हुकूमत ने मक्का मस्जिद बम धमाका के सिलसिले में माख़ूज़ किए गए नौजवानों को बेक़सूर क़रार दिए जाने के बाद इमदाद फ़राहम की और इस सिलसिले में अक़लीयती कमीशन ने सिफ़ारिश की थी।

चीफ़ मिनिस्टर का ये मौक़िफ़ है कि हुकूमत ने मुतास्सिरा नौजवानों को छोटे कारोबार के आग़ाज़ के ज़रीये अपने पैसे पर खड़ा होने और ख़ानदान की परवरिश का ज़रीया बनने के लिए ये इमदाद फ़राहम की।

अक़लीयती मालीयाती कारपोरेशन के ज़रीये 20 नौजवानों को 3लाख रुपये और 50 नौजवानों को फी कस 20 हज़ार रुपये की इमदाद दी गई। इस तरह जुमला 70 लाख रुपये हुकूमत ने बेक़सूर पाए जाने वाले नौजवानों की बाज़ आबादकारी के लिए जारी किए।

बताया जाता हैके चीफ़ मिनिस्टर के अलावा मीटिंग में शरीक दुसरे ओहदेदारों का भी यही मौक़िफ़ था कि हुकूमत का ये इक़दाम काफ़ी ग़ौर-ओ-ख़ौज़ के बाद ही किया गया और इस में सिर्फ़ मुतास्सिरीन की भलाई पेशे नज़र थी।

मीटिंग में फ़ैसला किया गया कि डेवेझ बंच के इस फ़ैसले की नक़ल मिलने के बाद माहिरीन क़ानून से मुशावरत की जाएगी और इस के बाद ही हाईकोर्ट में फ़ैसले पर नज़रसानी की अपील की जाएगी।

हुकूमत का ये मौक़िफ़ हैके ज़रूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटाया जा सकता है। बताया जाता हैके सेक्रेटरी अक़लीयती बहबूद अहमद नदीम ने इस मीटिंग में अक़लीयती नौजवानों को दी गई इमदाद और इस के तरीका-ए-कार की तफ़सीलात पेश कीं।

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