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मुस्लिम पर्सनल लॉ कुरानी आदेशों का हिस्सा: जमाते इस्लामी

नई दिल्ली: जमाते इस्लामी मुस्लिम पर्सनल लॉ जागरूकता अभियान के तहत मस्जिद शहाब बटला हाऊस में प्रोग्राम रखा गया में कार्यक्रम रखा गया जिसमें विभाग शिक्षा केंद्र जमाते इस्लामी हिंद के मौलाना इनामुल्लाह फ़लाही ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लाम जीवन के सभी पहलुओं में पथ उठाता और विश्वास करने वालों के लिए नियमों प्रदान करता है।

इन नियमों का एक हिस्सा वह है जो परिवार प्रणाली निर्देश दिए गए हैं और लोगों परिवार अधिकार और जिम्मेदारियों निर्धारित किया गया है। मुस्लिम पर्सनल ला में कहा जाता है| इस बात की है कि मुसलमानों में जागरूकता पैदा हो, उनके अंदर इस्लाम के पारिवारिक नियमों का पालन की भावना उत्पन्न हो, देशवासियों को भी समझाया जाए कि मुसलमानों के पारिवारिक नियमों कुरानी आदेशों का हिस्सा और न्याय पर आधारित हैं और सरकार को भी स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया जाए कि मुसलमान किसी भी मामले अल्लाह दी गई व्यवस्था में हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं हवाह उन्हें इसके लिए कितनी ही बलिदान क्यों न देना पड़ें|

उन्होंने विद्वानों अनुरोध है कि मुसलमानों के समाज को इस्लामी समाज बनाने में अपना सहयोग दें और उनके अंदर जागरूकता पैदा। इस अवसर पर उन्होंने शादी के महत्व का ज़िक्र करते हुए कहा कि शादी एक सामाजिक और धार्मिक जरूरत है, जो सभी धर्मों में प्रचलित है। इस्लाम में निकाह जो कल्पना दिया गया है वह असाधारण महत्व है।

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