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मुस्लिम बच्ची के बलात्कारी की गिरफ्तारी को लेकर इंसाफ मार्च

भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिला में 15 दिन पहले एक भूमिहीन अल्पसंख्यक परिवार की 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार हुआ था, इस मामले में पुलिस की ढिलाई की वजह से सवर्ण जाति के दबंग अभियुक्त की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है. जिसको लेकर पीड़ित परिवार 09 फरवरी को स्टेशन चौक से डी. एम. कार्यालय तक ‘इंसाफ मार्च’ करेगी.

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नेशनल दस्तक के अनुसार, यह घटना भागलपुर जिला के बिहपुर प्रखंड के गोविंदपुर गांव की है. पीड़ित परिवार पिछले 15 दिनों से अपनी बच्ची के साथ हुए घटना की इंसाफ के लिए दर दर ठोकरें खा रही हैं. लेकिन इस मामले की की न तो प्रशासन और न ही कोइ जनप्रतिनिधी ही सुध ले रही है.
उक्त बातें स्थानीय होटल में आयोजित वाददाता सम्मेलन में न्याय मंच के रिंकु ने कहा कि यह शर्मनाक है कि स्थानीय महिला राजद विधायक व सासंद इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है.
उनहोंने कहा कि बर्बर बलात्कार से पीड़ित बच्ची का समुचित ईलाज भी नहीं किया. मेडिकल के तुरंत बाद ही पुलिस ने बच्ची को परिजनों के हवाले कर दिया. इस पूरे मामले को लेकर रिंकू ने कहा कि इस मामले को जिन्होंने भी दबाने व रफा-दफा करने का प्रयास किया है, उन लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. बता दें कि पीड़ित बच्ची के पिता ने एफआईआर में वैसे लोगों का भी नाम भी दर्ज कराया है जो इस मामले को दबाने की कोशिश में घटना के बाद सक्रिय थे.

वहीँ मामले को लेकर पीड़ित परिवार द्वारा 09 फरवरी को स्टेशन चौक से डी. एम. कार्यालय तक ‘इंसाफ मार्च’ होगा, जिसमे पीड़ित बच्ची का समुचित ईलाज व मुआवजा, मामले को रफा-दफा करने की कोशिश के दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी व स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा की गारंटी, की मांगे होगी.

उल्लेखनीय है कि संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए न्याय मंच के डॉ. मुकेश ने भी बताया कि भागलपुर जिला में बिहपुर बलात्कार, रंगरा में गरीबों का घर जलाने व लूटपाट मचाने के साथ मारपीट और 8 दिसंबर के पुलिसिया बर्बरता के मामलों में इंसाफ के सवाल पर धारावाहिक आंदोलन चलेगा. बता दें कि 12 फरवरी को उत्पीड़न-दमन के विभिन्न मामलों में इंसाफ के सवाल पर विभिन्न उत्पीड़न-दमन के घटनाओं और स्थानीय पुलिस-प्रशासन व सरकार के रवैये से साफ है कि अन्याय व दमन की ताकतों को सत्ता का संरक्षण हासिल है.

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