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मुस्लिम मसायल पर वजीरे आला के फैसला के बाद भी अमलदार आमद नहीं

अब्दुल कयुम अंसारी, सेक्रेटरी अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू बिहार कोर्डिनेटर क़ौमी कमीशन बराये अक्लियती तालीमी अदारा ज़ात नयी देहली ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा है की 2010 में काबीना से मंजूरी के बाद महकमा तालिम के नोटिफिकेशन नमबर 162 मौरखा 5-2-2011

अब्दुल कयुम अंसारी, सेक्रेटरी अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू बिहार कोर्डिनेटर क़ौमी कमीशन बराये अक्लियती तालीमी अदारा ज़ात नयी देहली ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा है की 2010 में काबीना से मंजूरी के बाद महकमा तालिम के नोटिफिकेशन नमबर 162 मौरखा 5-2-2011 के जरिये 2459 गैर इमदाद याफ़्ता मुदर्रिस को ग्रांट के जमरे में शामिल करने का फैसला लिया गया था। इस में ये शर्त लगाई गयी के ज़िला एजुकेशन अफसर के इनक्वाइरी के बाद उन मदरसे को ग्रांट जारी किया जाएगा। चार साल का वक़्फ़ा ज़िला सतह पर इनक्वाइरी करने में गुज़रा। इस के बाद बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड ने 737 मदरसे की फेहरिस्त एक साल कबल सेक्रेट्रिएट को भेजा। हाल के दिनों में 300 मदरसे की फेहरिस्त हुकूमत को ग्रांट जारी करने के लिए भेजा गया। अभी तक हुकूमत के जरिये उन मदरसे के असातीजा को तंख्वाह के लिए ग्रांट जारी नहीं किया गया है जो बहुत ही अफसोसनाक मामला है। इस के बाद 339 मदरसे जिन को मदरसा एजुकेशन बोर्ड ने मंजूर किया गया है उनकी फेहरिस्त भी ग्रांट जारी करने के लिए भेजा गया जिसकी मंजूरी के लिए काबीना में भेजा जाना है।

इन मसायल पर अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू बिहार का वफद लगातार वजीरे आला बिहार वजीरे तालीम और प्रिन्सिपल सेक्रेटरी, महकमा तालीम से मिला। बार बार यकीन दिहानी कराने के बाद भी अभी तक उन मदरसे को ग्रांट जारी नहीं किया गया न ही मंजूर शुदा 339 मदरसे को ग्रांट की मंजूरी के लिए काबीना भेजा गया। इसके इलावा मदरसा एजुकेशन बोर्ड के दफ्तर के लिए तीन मंज़िला इमारत बनाने और मौलाना मजहरुल हक़ अरबी फारसी यूनिवर्सिटी के लिए इमारत की तामीर कराने के सिलसिला में हुकूमत का फैसला हो जाने के बावजूद अभी तक काम शुरू नहीं किया गया है जो कबीले अफसोसनाक है। गुजिशता दिनों उर्दू अमले की तकर्रुरी के लिए 2048 ओहदे काबीना के जरिये मंजूर किए गए थे और सभी सेकंडरी, इंटर और डिग्री सतह तक के स्कूलों और कॉलेजों में एक उर्दू असातीजा के ओहदे किमंज़ूरी दी गयी थाई जिसे बाद में हुकूमत के जरिये मंसूख कर कर दिया गया। हुकूमत बिहार जल्द से जल्द मंसूख किए गए फैसलों को काबीना के जरिये मंजूरी दे कर इस पर अमल दर आमद कराये साथ ही बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड, बिहार उर्दू अकादमी, उर्दू मशवर्ती बोर्ड, गोवेरमेंट उर्दू लाइब्रेरी की कमेटी को जल्द से जलद बहाल करे। अगर हुकूमत मजकुरा मसायल पर संजीदगी से नहीं लेती है और इस पर अमल इक़दाम नहीं किया जाता है तो अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू बिहार की जानिब से रियासत गैर सतह पर तहरीक चलाएगी और जिला सतह पर जाकर आवाम को उन मसायाल से रोशनास कराया जाएगा।

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