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मुहज़्ज़ब समाज में मज़हबी आलम को मुतनाज़ा ब्यान देने से गुरेज़ करना चाहीए : आज़म ख़ान

लखनउ 02 नवंबर (ए एन आई) समाजवादी पार्टी के सीनीयर क़ाइद मुहम्मद आज़म ख़ान ने आर ऎसस इसके साबिक़ सरबराह सुदर्शन और मुस्लिम शीया आलिम मौलाना कलब सादिक़ के इन ब्यानात पर शदीद तन्क़ीद की जहां उन्होंने मुल्क में इलैक्ट्रॉल इस्लाहात लाने क

लखनउ 02 नवंबर (ए एन आई) समाजवादी पार्टी के सीनीयर क़ाइद मुहम्मद आज़म ख़ान ने आर ऎसस इसके साबिक़ सरबराह सुदर्शन और मुस्लिम शीया आलिम मौलाना कलब सादिक़ के इन ब्यानात पर शदीद तन्क़ीद की जहां उन्होंने मुल्क में इलैक्ट्रॉल इस्लाहात लाने की बात कही थी।

अख़बारी नुमाइंदों से बात करते हुए उन्हों ने कहा कि ये बात नाक़ाबिल फ़हम है कि सुदर्शन और कलब सादिक़ के दरमयान किस नौईयत के एजंडा की तैय्यारी की जा रही है कोनिका इन का कहना था कि एक अच्छे और अहल हिन्दू को वोट देना एक ख़राब और ना अहल मुस्लमान को वोट देने से बेहतर है।

मेरा ख़्याल है कि एक मुहज़्ज़ब समाज में किसी मज़हबी आलम के ज़रीया ऐसे ब्यानात देना ख़ुद मुस्लमानों के मुफ़ाद में नहीं होगा। जब उन से ये पूछा गया कि आख़िर ऐसी क्या बात है कि सिर्फ इंतिख़ाबात के क़रीब होने पर ही मुस्लमानों के मसाइल और मुश्किलात को आशकार किया जाता है तो आज़म ख़ान ने जवाब देते हुए कहा कि ऐसा करना दरअसल वोट बैंक पालिसी और वोट बैंक सियासत है और इसी मौक़ा का फ़ायदा उठाने कई सियासतदां कमरबस्ता हो जाते हैं।

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