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मुहम्मद निसार,आबिद अली के बाद मुहम्मद समी का नाम

कोलकता के तारीख़ी मैदान ईडन गार्डन्स में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ अपने कैरियर का पहला टेस्ट खेलने वाले फ़ास्ट बोलर मुहम्मद समी ने रीवर्स सुइंग बौलिंग का ग़ैरमामूली मुज़ाहिरा करते हुए पहले ही मुक़ाबले में पाँच विकटों के लेने का कारनामा

कोलकता के तारीख़ी मैदान ईडन गार्डन्स में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ अपने कैरियर का पहला टेस्ट खेलने वाले फ़ास्ट बोलर मुहम्मद समी ने रीवर्स सुइंग बौलिंग का ग़ैरमामूली मुज़ाहिरा करते हुए पहले ही मुक़ाबले में पाँच विकटों के लेने का कारनामा अंजाम दिया है।

इस तरह पहले ही टेस्ट की किसी इनिंगस‌ में पाँच विकटें हासिल करने वाले समी हिंदुस्तान के आठवें बोलर हैं। पहले ही टेस्ट में पाँच विकटें हासिल करने वाले 8 बोलरों में सब से ऊपर मुहम्मद निसार का नाम दर्ज है जिन्होंने 1932 में इंगलैंड के ख़िलाफ़ लॉर्ड्स टेस्ट में 93 रंस‌ के बदले पाँच खिलाड़ियों को आउट किया था।

इस मौके पर डोगलस जॉर्डन ने टॉस जीत कर बैटिंग का फ़ैसला किया था लेकिन मुहम्मद निसार ने यार्क शाइर की जय को कलीन बोल्ड किया था जैसा कि अपने दूसरे ही ओवर में सट कलफ़ और पुर्सी हालिन्स को पवेलियन की राह दिखाई थी। इस मुक़ाबला में हिंदुस्तान ने इंगलैंड को भले ही 259 रंस‌ पर ऑल आउट किया लेकिन इंगलैंड के बोलरों के ख़िलाफ़ हिंदुस्तानी टीम भी 189 रंस‌ पर ढेर हुई थी।

इस मुक़ाबला में जहांगीर ख़ान ने भी चार विकटें हासिल की थी जब कि 346 रंस‌ के तआक़ुब में हिंदुस्तानी टीम को 158 रंस‌ की हार‌ बर्दाश्त करनी पड़ी थी। हिंदुस्तान के लिए पहले ही टेस्ट में पाँच विकटें हासिल करने के बाद बम्बई में भी उन्होंने 90 रंस‌ के बदले पाँच खिलाड़ियों को आउट किया था। इस फ़हरिस्त में दूसरा मुक़ाम वी वी कुमार का है जिन्होंने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 1960-61 को दिल्ली में टेस्ट मुक़ाबला में 64 रंस‌ दे कर पाँच खिलाड़ियों को आउट किया था।

कुमार हिंदुस्तान के पहले ऐसे स्पिनर रहे जिन्होंने पहले ही टेस्ट में पाँच खिलाड़ियों को पवेलियन की राह दिखाया। इस फ़हरिस्त में एक और अहम नाम आबिद अली का है जिन्हों ने 1967६8 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एडीलेड में हुई टेस्ट में 55 रंस‌ के बदले 6 खिलाड़ियों को आउट किया था।

सय्यद आबिद अली को ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ उस मुक़ाबला में इस लिए क़तई 11 खिलाड़ियों का हिस्सा बनाया गया था क्योंकि वो बैटिंग भी करसकते थे। उस मुक़ाबला में आबिद अली को रूसी शरवती और ऊमेश कुलकर्णी के बाद बौलिंग करने का मौक़ा मिला और उन्होंने अपने पहले ही स्पेल में विकटों के पीछे बिल लारी को आउट करते हुए 99 रंस‌ की पार्टनरशिप को तोड़ा।

बाबी सिम्पसन को भी अपनी ही बौलिंग पर कैच आउट किया। बाब काउपर जो कि हिंदुस्तानी टीम केलिए मुश्किलात खड़ी कररहे थे उन्हें 92 रंस‌ के मजमूई स्कोर पर विकटों के पीछे आउट करवाते हुए ऑस्ट्रेलिया को 311/6 तक महदूद रखा। अपने दूसरे स्पेल में उन्हों ने मज़ीद बेहतर बौलिंग का मुज़ाहरा करते हुए बेरी जारमन, ग्राहम मीकनज़ी और जान ग्लीसन को पवेलियन की राह दिखाई।

ऑस्ट्रेलिया को 335 रंस‌ पर ऑल आउट करने में उन्होंने 55 रंस‌ के बदले 6 खिलाड़ियों को आउट करते हुए कलीदी रोल अदा किया। दूसरी इनिंगस‌ में कोय‌र को कलीन बोल्ड करते हुए मुक़ाबला में मजमूई तौर पर 116/7 का मुज़ाहरा किया जो कि मुक़ाबले के दोनों इनिंगस‌ में फी कस 33 रंस‌ की इनिंगस‌ खेलें।

दिलीप दोषी ने 1979-80-ए-में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मद्रास टेस्ट में 103/6 नरेंद्र हिरवानी ने 1987-88-ए-में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ मद्रास टेस्ट की पहली इनिंगस‌ में 61/8 और दूसरी इनिंगस‌ में 78/8 का मुज़ाहरा किया। हिंदुस्तानी टीम के मौजूदा खिलाड़ियों में अमीत मिश्रा ने 2008-09-ए-में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मोहाली टेस्ट के ज़रिया अपने कैरियर का आग़ाज़ करते हुए 71/5 के आदाद-ओ-शुमार दर्ज करवाए हैं।

रवी चंद्रन अश्विन जिन्हों ने 2011-12-ए- में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ दिल्ली में टेस्ट के ज़रिया अपने कैरियर का आग़ाज़ किया और पहले मुक़ाबला में 47/6 का मुज़ाहरा दर्ज किया।

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