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मुहम्मद पहलवान और अन्य लोगों की सुप्रीम कोर्ट में दरख़ास्त ज़मानत

* तीन हफ़्ते के अंदर‌ जवाब दाख़िल करने राजय सरकार‌ को सुप्रीमकोर्ट‌ की हिदायत

* तीन हफ़्ते के अंदर‌ जवाब दाख़िल करने राजय सरकार‌ को सुप्रीमकोर्ट‌ की हिदायत
हैदराबाद।( सियासत न्यूज़ ) चंदरायन गुट्टा के असेंबली सदस्य‌ अकबर उद्दीन उवैसी हमला केस में गिरीफ्तार‌ मुहम्मद बिन उम्र याफ़ई अल-मारूफ़ मुहम्मद पहलवान और उन के अन्य साथीयों की दरख़ास्त ज़मानत पर सुप्रीम कोर्ट ने रियास्ती हुकूमत को नोटिस जारी करते हुए तीन हफ़्ते के अंदर‌ जवाब तलब किया है।

इस साल 25 अप्रैल को आंधरा प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस के सी भानू ने मुहम्मद पहलवान, उन के बड़े भाई यूनुस बिन उम्र याफ़ई और बहादुर अली ख़ान उर्फ़ मुनव्वर इक़बाल की ज़मानत रद‌ करते हुए उन्हें मुताल्लिक़ा अदालत में ख़ुद सपुर्द होने की हिदायत दी थी जिस के बाद 1 मई को गिरीफ्तार लोगों ने अदालत में ख़ुद को पेश किया था और उन्हें अदालती तहवील में दे दिया गया था।

हाईकोर्ट के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ मुहम्मद पहलवान और अन्य लोग सुप्रीम कोर्ट से रुजू होते हुए स्पैशल लियो पटेशन दाख़िल की थी और आज इस दरख़ास्त को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए क़बूल कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट कि दो सदसिय‌ बंच के जस्टिस एच एल गोखले और जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने वकील दिफ़ा और सीनीयर एडवोकेट के टी एस तुलसी, मुज़फ़्फ़र उल्लाह ख़ान एडवोकेट, हरी हिरन एडवोकेट और मुहम्मद इरशाद हनीफ़ एडवोकेट कि बहसों के बाद राजय सरकार‌ को नोटिस जारी करते हुए तीन हफ़्ते के अंदर‌ जवाब तलब किया है।

वाज़िह रहे कि राजय सरकार‌ ने हाईकोर्ट की जानिब से असेंबली सदस्य पर‌ हमला केस में गीरीफतार लोगों की ज़मानत मंज़ूर किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट से रुजू होकर अपील दाख़िल की थी और इस दरख़ास्त को सुप्रीम कोर्ट ने आंधरा प्रदेश हाईकोर्ट को लौटाते हुए दरख़ास्त ज़मानत की दुबारा सुनवाई करने का हुक्म दिया था।

वाज़िह रहे कि हमला केस की जांच‌ सैंटर्ल क्राईम स्टेशन कर रही है और अहकामात वसूल होने पर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाख़िल किया जाएगा।

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