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मुहाजिरीन से मुताल्लिक़ क़्वानीन में तरामीम की ज़रूरत है

डेनमार्क के क़दामत पसंद वज़ीरे आज़म लार्स लोइके रासमोसन ने कहा है कि दूसरी आलमी जंग के बाद यूरोप को दर्पेश मुहाजिरीन के सबसे बड़े बोहरान के तनाज़ुर में वो अक़वामे मुत्तहिदा की मुहाजिरीन से मुताल्लिक़ कनवेंशन में तरामीम कराने की कोशिशें करेंगे।

वज़ीरे आज़म रासमोसन ने पनाह गुज़ीनों के बोहरान के बारे में बात करते हुए कहा, अगर ये इसी तरह जारी रहा है, या फिर इस में ख़राबी पैदा हुई है, तो हम इस मुक़ाम पर पहुंच जाएंगे जहां बातचीत लाज़िमी हो जाएगी। उन के बाक़ौल इस वक़्त डेनमार्क अकेला मुताल्लिक़ा क़्वानीन में तरामीम नहीं करा सकेगा।

डैनिश वज़ीरे आज़म ने ये बात टी वी टू नामी एक मुक़ामी टैलीविज़न स्टेशन पर इतवार के रोज़ कही। डेनमार्क में लार्स लोइके रासमोसन की वीनसटरे जमात बरसरे इक्तेदार है और उसे मुहाजिरीन मुख़ालिफ़ डैनिश पीपुल्ज़ पार्टी (DPP) की हिमायत हासिल है।

इन दोनों पार्टीयों का मौक़िफ़ है कि सन 1951 में तय पाने वाले अक़वामे मुत्तहिदा रिफ्यूज़ी कनवेंशन में तरमीम लाज़िमी है ताकि ये वाज़ेह किया जा सके कि पनाह गुज़ीन जिस मुल्क में सबसे पहले पनाह के लिए पहुंचते हैं, वहां उन के हुक़ूक़ क्या हैं।

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