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मुक़द्दस किताब की बे-हुरमती वाक़िये का मुल्ज़िम हॉस्पिटल में शरीक

चण्डीगढ़: फ़रीदकोट के बार गारी दिहात में एक मुक़द्दस किताब की बे-हुरमती के वाक़िये में गिरफ़्तार दो भाईयों में से एक मुल्ज़िम को रीढ़ की हड्डी में शदीद तकलीफ़ पर आज हॉस्पिटल में शरीक करवा दिया गया है। पुलिस ने बताया कि रवींद्र सिंह को PGIMER से रुजू कर दिया गया है।

फ़रीदकोट की एक अदालत ने कल पंज ग्रीन ख़ुर्द के मुतवत्तिन रवींद्र सिंह और जस्वेंदर सिंह को 9अक्टूबर तक अदालती तहवील में दे दिया था ताहम दोनों भाईयों ने पंजाब पुलिस के इल्ज़ामात से इनकार कर दिया और कहा कि वो बेगुनाह हैं जबकि मुल्ज़िमीन के वालदैन और देहातियों के अलावा सिख बिरादरी ने ये इद्दिआ किया है कि उन्हें ( भाईयों ) को केस में फंसाया गया है।

वाज़िह रहे कि पुलिस ने रियासत के मुख़्तलिफ़ मामलात बिशमोल फ़रीदकोट, सिंगूर, लुधियाना, अमृतसर, तरनतारन, भटिंडा और फ़िरोज़ पूर में पेश आए बे-हुरमती के वाक़ियात में अब तक 6अफ़राद को गिरफ़्तार किया है। इन वाक़ियात के ख़िलाफ़ शिद्दत-पसंद तन्ज़ीमों ने सड़कों पर एहतेजाज करते हुए आम ज़िंदगी को दरहम-बरहम कर दिया था।

पुलिस ने ये शुबा ज़ाहिर किया है कि हालात को बिगाड़ने के लिए बे-हुरमती वाक़ियात में बैरूनी हाथ भी हो सकता है। सिख बिरादरी, अप्पोज़ीशन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की तन्क़ीदों के बाद हकूमत-ए-पंजाब ने डायरेक्टर जनरल पुलिस सुमेध सिंह सावनी का तबादला करते हुए सुरेश अरोरा का तक़र्रुर अमल में लाया है।

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