Wednesday , September 27 2017
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मेरी वजह से देश को मिल रहे मेडल्स : अभय चौटाला

नई दिल्ली : इंडियन ओलिंपिक असोसिएशन (IOA) की चेन्नै में हुई आम सभा बैठक में भ्रष्टाचार के आरोपी सुरेश कलमाडी और आईएनएलडी के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला को लाइफटाइम प्रेजिडेंट चुने जाने को लेकर उठे सवालों के बाद अभय चौटाला ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने खुद को पाक साफ बताते हुए दावा किया कि उन्हीं की वजह से भारतीय खिलाड़ी मेडल्स जीत रहे हैं। उन्होंने खेल मंत्री विजय गोयल पर भी निशाना साधा और खेलों को बढ़ावा देने पर ध्यान देने की सलाह दी। उधर, कांग्रेस नेता अजय माकन ने सरकार से एक्शन की मांग की है।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए चौटाला ने कहा कि उनके खिलाफ करप्शन और क्रिमनल नहीं बल्कि पॉलिटिकल केस दर्ज हैं। उन्होंने कहा, ‘बड़ी हैरानी की बात है कि विजय गोयल कह रहे थे कि चौटाला के खिलाफ क्रिमनल केस हैं। कांग्रेस सरकार ने राजनीति के तहत मेरे खिलाफ केस दर्ज कराए थे।’ बतादें,पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बेटे अभय चौटाला आय से अधिक संपत्ति के केस का सामना कर रहे हैं।

चौटाला ने खुद को खेलप्रेमी और खेल से जुड़ा हुआ व्यक्ति बताते हुए देश को मिल रहे मेडल्स के लिए अपनी पीठ भी थपथपाई। उन्होंने कहा, ‘मेरा खेल से पुराना संबंध रहा है। मैंने ऐसी नीतियां बनाईं जिसकी वजह से देश को मेडल्स आने शुरू हुए। जब हरियाणा में ओमप्रकाश चौटाला मुख्यमंत्री थे तब मैंने 2004-05 में नई खेल नीति बनाई। हमने मेडल्स जीतने पर खिलाड़ियों को नकद इनाम देने की शुरुआत की। इससे खिलाड़ियों को मेहनत करने के लिए प्रेरणा मिली। पहले बॉक्सिंग में भारत का कोई स्थान नहीं था 12 सालों में मेहनत करके मैंने बॉक्सिंग को यहां तक पहुंचाया है। किसी भी खिलाड़ी से पूछ लीजिए मेरा नाम लेंगे।’

अभय चौटाला ने कहा, ‘जब अटल बिहारी वाजयेपी थे तब एक स्पोट्रर्स काउंसिल का गठन किया गया था। विजय मल्होत्रा इसके चेयरमैन थे और मैं मुझे वाइस चेयरमैन बनाया गया था, गोयल बताएं यदि मेरा खेलों में कोई योगदान नहीं है तो मुझे क्यों जिम्मेदारी दी गई थी? तब उन्हें (गोयल) दिक्कत क्यों नहीं हुई?’

अभय चौटाला ने इंटरनैशनल ओलिंपिक कमिटी (IOC) की दखल की संभावना पर कहा, ‘यह हमारे देश का अंदरुनी मामला है। IOC यदि इसमें दखल देता है तो इसका मतलब तो यह हुआ कि कल को देश का कोई फैसला प्रधानमंत्री नहीं बल्कि यूएन करेगा।’

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