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मेरी हुकूमत मुस्तहकम , अक्सरियत हासिल : वज़ीर ए आज़म

नई दिल्ली, २३ सितंबर : ( पी टी आई ) : काबीना ( Cabinet) में तौसीअ-ओ-रद्द-ओ-बदल की कयास आराईयों के दरमियान वज़ीर आज़म मनमोहन सिंह ने आज सदर जमहूरीया परनब मुकर्जी से मुलाक़ात की ।

नई दिल्ली, २३ सितंबर : ( पी टी आई ) : काबीना ( Cabinet) में तौसीअ-ओ-रद्द-ओ-बदल की कयास आराईयों के दरमियान वज़ीर आज़म मनमोहन सिंह ने आज सदर जमहूरीया परनब मुकर्जी से मुलाक़ात की ।

तृणमूल कांग्रेस की जानिब से हुकूमत की ताईद ( समर्थन) वापस लेने और वुज़रा ( मंत्रीयों) के इस्तीफ़ा के बाद पैदा होने वाली सयासी सूरत-ए-हाल पर तबादला ख़्याल किया । ये मुलाक़ात तक़रीबा 45 मिनट तक रही । राष्ट्रपति भवन के तर्जुमान वीनू रलमो ने कहा कि दोनों क़ाइदीन ( नेताओं) ने मुल़्क की मौजूदा सयासी सूरत-ए-हाल पर ग़ौर किया ।

तृणमूल कांग्रेस के 19 अरकान पार्लीयामेंट ( संसद सदस्यों) ने कल ही सदर जमहूरीया के नाम मकतूब ( पत्र/ खत) लिख कर हुकूमत से ताईद वापस लेने का ऐलान किया था । समझा जाता है कि वज़ीर ए आज़म ने सदर जमहूरीया से कहा कि मेरी हुकूमत को कोई ख़तरा नहीं है ।

मेरी हुकूमत मुस्तहकम और अक्सरियत ( बहुमत/ बहुसंख्यक/ majorities) में है । हुकूमत और कांग्रेस दोनों ने दावा किया है कि एस पी और बी एस पी के 43 अरकान पार्लीयामेंट की बाहर से ताईद ( समर्थन) हासिल है । इस के साथ ही 545 रुकनी लोक सभा में हुकूमत को 300 से ज़ाइद ( अधिक) अरकान की अक्सरियत ( बहुमत) हासिल है ।

जो सादा अक्सरियत 273 से ज़ाइद होगी । सदर जमहूरीया से वज़ीर आज़म की ये मुलाक़ात एफ डी आई की पर ज़ोर मुदाफ़अत (बचाव) और डीज़ल की कीमतों में इज़ाफ़ा को नागुज़ीर (जरूरी/ अनिवार्य) क़रार देने के पस-ए-मंज़र में हुई है ।

हुकूमत के फैसलों के ख़िलाफ़ यू पी ए की हलीफ़ ( मित्र) पार्टियों में नाराज़गी पैदा हुई ख़ासकर तृणमूल कांग्रेस ने एहतिजाज ( विरोध) करते हुए हुकूमत से दसतबरदारी इख्तेयार कर ली जब कि एन डी ए और बाएं बाज़ू पार्टियों ( Left Party) ने हुकूमत पर तन्क़ीदें की हैं ।

इन तबदीलीयो (परिवर्तनो) के पीछे माक़ूलीयत की वज़ाहत (स्पष्ट/ विस्तार) करते हुए मनमोहन सिंह ने कल क़ौम ( राष्ट्र) से किए गए ख़िताब में कहा था कि अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो मालीयाती ख़सारा ( नुकसान) दो गुना होता जिस के नतीजा में कीमतों में मज़ीद ( और) बेतहाशा ( अत्यधिक) इज़ाफ़ा होता इस से आम आदमी की मुश्किलात मज़ीद बढ़ जाती हैं ।।

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