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मैंने हद दर्जा एहतियात से काम लिया

वज़ीर फायनेंस परनब मुकर्जी ने कहा कि बजट तजावीज़ की तैयारी के दौरान सयासी सूरत-ए-हाल के पेशे नज़र उन्हों ने हद दर्जा एहतियात से काम लिया है। उन्होंने कहा कि पार्लीमेंट में जो लोग एहमीयत रखते हैं, उनके मूड को देखते हुए मुझे काफ़ी एहतिय

वज़ीर फायनेंस परनब मुकर्जी ने कहा कि बजट तजावीज़ की तैयारी के दौरान सयासी सूरत-ए-हाल के पेशे नज़र उन्हों ने हद दर्जा एहतियात से काम लिया है। उन्होंने कहा कि पार्लीमेंट में जो लोग एहमीयत रखते हैं, उनके मूड को देखते हुए मुझे काफ़ी एहतियात बरतनी पड़ी।

इस के साथ साथ मैंने अपने रफ़क़ा को भी ज़्यादा मुहतात रहने पर ज़ोर दिया चुनांचे ऐसी बहुत सारी चीज़ें हैं जिन्हें किया जा सकता था या उन्हें किया जाना चाहीए था लेकिन इस बजट में ऐसा नहीं किया जा सका। सनअती क़ाइदीन से ख़िताब करते हुए वज़ीर फायनेंस ने कहा कि उन्हें बुनियादी हक़ायक़ को पेशे नज़र रखते हुए बाअज़ फ़ैसले करने पड़े, क्योंकि एक ऐवान में जब कोई फ़ैसला किया जा रहा है तो अंदरून चौबीस घंटे उसे बदल दिया जा रहा है या इसके बरअक्स फ़ैसले पर ज़ोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एक ऐवान में जब कोई तजवीज़ मंज़ूर की जाती है तो दूसरे ऐवान में पहुंचने तक ये तजवीज़ तब्दील हो जाती है। उन्होंने कहा कि बैन-उल-अक़वामी अश्या‍ ए‍ माय्हताज की क़ीमतों में ग़ैर यक़ीनी कैफ़ीयत, तरक़्क़ी याफ्ता ममालिक में मआशी सुस्त रवी और दीगर अवामिल को पेशे नज़र रखने के साथ साथ हुकूमत को सयासी इदारों और सनअती मुफ़ादात भी मल्हूज़ रखने ज़रूरी होते हैं।

परनब मुकर्जी ने कहा कि हुकूमत घरेलू तलब में इज़ाफ़ा पर तवज्जा मर्कूज़ कर रही है ताकि वस्त मुद्दती तरक़्क़ी की हौसला अफ़्ज़ाई हो सके।

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