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मैं उस रात को याद नहीं करना चाहता: दानिश

दादरी: बिसाहड़ा क़त्ल केस के मुतास्सिर महरूम मोहम्मद इखलाक के बेटे दानिश उस डरावनी रात को याद नहीं करना चाहते। उस रात के बारे में वह जिक्र तक नहीं चाहते। 28 सितंबर की रात दादरी के बिसाहड़ा गांव में हिन्दुओं की खौफनाक भीड़ ने 55 साल के मोहम्मद इखलाक की गोमांस खाने और रखने के शक में पीट-पीटकर क़त्ल कर दिया था ।

दानिश के बड़े भाई और इंडियन एयर फोर्स के एम्प्लॉयी सरताज ने कहा कि, ‘इस बारे में पूछने पर वह चिढ़ जाता है। जब हम उस रात के बारे में पूछते हैं कि वह बेहद परेशान हो जाता है। हमलोग उससे उस रात के बारे में बातचीत के लिए दवाब नहीं डालते।’ सरताज बुध के रोज़ बिसाहड़ा गांव गए थे। वालिद के क़त्ल के बाद सरताज पहली बार बिसाहड़ा गए थे।

दानिश अब भी आईसीयू (इटेंसिव केयर यूनिट) में हैं। दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल में दानिश का इलाज चल रहा है। इन्हें नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल से यहां शिफ्ट किया गया है। सरताज ने कहा, ‘जुमेरात के रोज़ सुबह आरआर हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट ने मुझसे कहा कि दानिश को फिलहाल आईसीयू में रखा जाएगा क्योंकि उसे पूरी तरह से ठीक होने में वक्त लगेगा।

डॉक्टरों ने कहा कि आईसीयू से जनरल वॉर्ड में शिफ्ट करने में अभी लंबा वक्त लगेगा। हमें डॉक्टरों ने सलाह दी है कि उस रात के बारे में दानिश से बात नहीं की जाए।’

सरताज ने कहा कि, ‘मैं अपने गांव के घर में 15 से 20 मिनट तक रुका। इस दौरान कोई भी मुझसे मिलने नहीं आया। पड़ोसी ने भी मुलाकात नहीं की। मुझे गांव जाने का मन नहीं था लेकिन वहां से मुझे जरूरी सामान लाने थे।’ दानिश के ठीक होने पर हम गांव जाएंगे या नहीं अभी इसका फैसला नहीं किया है।

बिसाहड़ा में जाते वक्त सरताज के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस के कई जवान थे। सरताज ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लोगों ने दिल्ली वाके मेरे एयर फोर्स के रिहायशगाह से गांव में छोड़ा था।

————बशुक्रिया: नवभारत टाइम्स

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