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मैं ओलम्पिक़्स में रास्त दाख़िले की मुस्तहिक़ हूँ: सानिया

हिंदूस्तान की सरकर्दा टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा ने आज कहा कि वो लंदन में इस साल मुनाक़िद ( आयोजित) होने वाले ओलम्पिक खेलों के टेनिस मुक़ाबलों में वाइल्ड कार्ड इन्ट्री की मुस्तहिक़ हैं।

हिंदूस्तान की सरकर्दा टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा ने आज कहा कि वो लंदन में इस साल मुनाक़िद ( आयोजित) होने वाले ओलम्पिक खेलों के टेनिस मुक़ाबलों में वाइल्ड कार्ड इन्ट्री की मुस्तहिक़ हैं।

इस साल चार डब्लयू टी ए (WTA) मुक़ाबलों के फाईनल में दाख़िला हासिल करने वाली और दो ख़िताब जीतने वाली सानिया ने कहा कि वो पुरउम्मीद हैं और उन्हें लगता है कि उन्हों ने हालिया मुक़ाबलों में अपनी बेहतरीन कारकर्दगी का मुज़ाहरा ( प्रदर्शन) किया है, इस लिए वो ओलम्पिक खेलों में रास्त दाख़िला की हक़दार हैं।

उन्होंने कहा कि उन्हें जहां तक इल्म है कि वाइल्ड कार्ड इन्ट्री इन मुल्कों के सब से ज़्यादा क़ाबिल और ख़िताब के दावेदार खिलाड़ियों को मिलती है जिन्हें ओलम्पिक में नुमाइंदगी का मौक़ा नहीं मिला है। इसलिए इन का दावा मज़बूत नज़र आता है।

फ़्रैंच ओपन के पहले ही राउंड में नाकाम हो जाने से मुताल्लिक़ एक सवाल के जवाब में सानिया ने कहा कि उन्हें लगता है कि इन चीज़ों के लिए खिलाड़ियों का नज़रिया अलग होता है हालाँकि वो अपनी जानिब से भरपूर कारकर्दगी की कोशिश करते हैं और जीतने की हत्ता (जब तक जहाँ तक) आला मुकाम सई करते हैं।

उन्होंने कहा कि गुज़शता पाँच महीनों में सर्जरी के बावजूद उन की कारकर्दगी तसल्ली बख्श रही है। वाज़िह रहे कि हाल ही में सानिया को तीसरी सर्जरी करानी पड़ी थी। उन्हों ने कहा कि उन्हें अब भी यक़ीन है कि वो दस सर-ए-फ़हरिस्त ( दस खिलाड़ियो की लिस्ट के आस पास है ) खिलाड़ियों के आस पास हैं।

सानिया को फ्रेंच ओपेन में 1400 प्वाईंट का दिफ़ा ( हिफाजत) करना था ताकि वो 11 जून को ओलम्पिक क्वालीफिकेशन लिस्ट जारी होने के वक़्त डब्लयू टी ए (WTA) की दस सर-ए-फ़हरिस्त (दस खिलाड़ियो की लिस्ट में) खिलाड़ियों में शामिल रह सकें । लेकिन उन की और उन की अमेरीकी जोड़ीदार बेथानी माटे सैंड्स को इस टूर्नामेंट के ख्वातीन के डबल्स ज़ुमरे के पहले राउंड में शिकस्त के बाद बाहर होना पड़ा जिस से उन की लंदन ओलम्पिक़्स की उम्मीदों को धक्का लगा है।

सानिया ने कहा कि फ्रेंच ओपेन में इनकी जोड़ीदार बेथानी के ज़ख्मी होने के सबब उन्हें जलदी शिकस्त का सामना करना पड़ा। पहले राउंड के मैच में हरीफ़ ( प्रतिद्वंद्वी) जोड़ी ने अच्छा खेल दिखाया लेकिन बेथानी की चोट के सबब उन्हें हार का सामना हुआ। सिंगल्स ज़ुमरे में उन के पैर का अंगूठा बुरी तरह ज़ख्मी हो गया था और डबल्स के मुकम्मल मैच के दौरान बेथानी दर्द से परेशान थीं।

सानिया ने कहा कि इनकी जोड़ीदार ने तकलीफ़ के बावजूद अपनी तरफ़ से भरपूर कोशिश की लेकिन क़िस्मत में इनकी शिकस्त ही लिखी थी। उन्होंने कहा कि हार जीत खेल का हिस्सा है और हर खिलाड़ी को इसका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहीए।

उन्होंने कहा कि जब अमेरीका की सरकर्दा टेनिस खिलाड़ी सरीना विलियम्स मैच जीतने से सिर्फ दो प्वाईंटस दूर थी तब किसी ने नहीं सोचा था होगा कि वो टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगी ।

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