Sunday , August 20 2017
Home / Bihar News / मोदी और ओवैसी की हुई थी सीक्रेट मीटिंग: JDU ने किया दावा

मोदी और ओवैसी की हुई थी सीक्रेट मीटिंग: JDU ने किया दावा

नई दिल्‍ली: जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने बिहार इलेक्शन चुनाव के ऐलान से पहले पीएम नरेंद्र मोदी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के चीफ असादुद्दीन ओवैसी के बीच मुलाकात का दावा किया है. वहीं, बीजेपी ने इस मुलाकात की खबर का पुरजोर तरदीद किया है.

इत्तेला के मुताबिक , जेडीयू जनरल सेक्रेटरी और सीनीयर लीडर केसी त्‍यागी ने जुमे के रोज़ पीएम मोदी और ओवैसी के बीच मुलाकात का दावा किया है. उन्‍होंने कहा कि बिहार इलेक्शन के ऐलान से पहले मोदी और ओवैसी के बीच सीक्रेट मीटिंग हुई थी.

जेडीयू लीडर ने कहा कि बीजेपी ने औवैसी को बिहार में हुक्मरान इत्तेहाद को नुकसान पहुंचाने का काम दिया है. सीमांचल में फायदे के लिए ओवैसी का इस्‍तेमाल किया जा रहा है. ओवैसी बिहार में वोट कटवाने के किरदार में आए हैं. त्यागी ने कहा कि ओवैसी को सीमांचल ईलाको में बीजेपी की मदद के लिए भेजा गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ओवैसी के सीमांचल हल्को में इलेक्शन लड़ने से Grand alliance को कोई नुकसान नहीं होगा. वहीं, जेडीयू ने ये भी कहा कि अगर ये मुलाकात नहीं हुई है तो वज़ीर ए आज़म का दफ्तर (पीएमओ) इसकी तरदीद करे.

केसी त्‍यागी ने यह भी कहा कि पीएम मोदी Grand alliance कमजोर करने के लिए ओहदा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. पीएम बदअमनी फैलाने वाली ताकतों को बढ़ावा दे रहे हैं. बीजेपी अपने फायदे के लिए बिहार के इलेक्शन को पेचीदा बनाने की तैयारी में है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी और ओवैसी के बीच हुई मुलाकात का राज क्या है और मुलाकात में क्या बात हुई, यह दोनों को बताना चाहिए.

मैं सुझाव देना चाहता हूं कि पीएम अपने ओहदा के वक़ार को बनाए रखने के लिए ऐसे काम न करें.

उधर, बीजेपी ने जेडीयू के इस दावे को खारिज किया है. बीजेपी तरजुमान एमजे अकबर ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि मोदी और ओवैसी की मुलाकात की खबर अफवाह है,

ये खबर पूरी तरह गलत है. जिसने भी ये खबर फैलाई है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. खबर छापने वाले पब्लिेकशन पर हम केस करेंगे.

वहीं, इस मुलाकात की खबर पर कांग्रेस तरजुमान भीम अफजल ने कहा कि सीमांचल के इलाके में वोट को बांटने की कोशिश की जा रही है. केसी त्‍यागी एक जिम्‍मेदार लीडर हैं और अगर उन्‍होने ये दावा किया है तो इसमें सच्‍चाई हो सकती है.

इससे पहले, कांग्रेस ने गुजश्ता दिनों ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बिहार में इलेक्शन लड़ने के फैसले को लेकर उन पर यह कहते हुए वार किया कि वह अपना नहीं, बल्कि भाजपा के हुदूद की तौसीअ करेंगे. पार्टी तरजुमान अभिषेक सिंघवी ने कहा था कि जो लोग सेक्युलर की बातें करते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि उनके ऐसे कदम कहीं न कहीं फिर्का को फायदा पहुंचाएंगे.

ओवैसी को अहसास होना चाहिए कि वह बिलावास्ता तौर पर किसकी मदद कर रहे हैं. सिंघवी ने ट्वीट किया था कि सीमांचल में इलेक्शन लड़कर ओवैसी अपनी हदूद का नहीं बल्कि भाजपा के हदूद की तौसीअ करेंगे.

गौर हो कि गुजश्ता साल महाराष्ट्र विधानसभा इंतेखाबात में कामयाबी का मज़ा चखने के बाद एआईएमआईएम अब बिहार विधानसभा इंतेखाबात में उतर रही है जिससे इस अहम शुमाली रियासत में कड़े मुकाबले में एक नया पहलू जुड़ेगा. पार्टी ने बीते दिनों कहा था कि वह सीमांचल में उम्मीदवार उतारेगी जहां अच्छी खासी मुस्लिम आबादी है.

ओवैसी ने ऐलान किया था कि पार्टी आइंदा बिहार विधानसभा इंतेखाबात में सिर्फ सीमांचल हल्के में जोर आजमाइश करेगी. ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी इलेक्शन लड़ेगी लेकिन सीमांचल हल्के तक महदूद रहेगी जिसमें खास तौर से चार जिले- अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार आते हैं.

TOPPOPULARRECENT