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मोदी के मंत्री को एयर इंडिया के पायलट का जवाब- ‘प्रेरणा में कमी, कमिटमेंट नहीं’

नई दिल्ली। तीन दिन पहले केंद्रीय उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने एयर इंडिया की कर्मचारियों की खिंचाई करते हुए कहा था कि प्राइवेट एयरलाइंस के कर्मचारियों के मुकाबले उनमें कमिटमेंट की कमी है। इसके बाद एक सीनियर पायलट ने पलटकर केंद्रीय मंत्री को करारा जवाब दिया है और देश के लिए नेताओं के कमिटमेंट पर सवाल खड़ा कर दिया है। पायलट शुभाशीष मजूमदार ने मंत्री अशोक गजपति राजू को एक पत्र लिखा है, जिसका शीर्षक है- ‘प्रेरणा में कमी, कमिटमेंट में नहीं।’

इस पत्र में पायलट ने लिखा, ‘एयर इंडिया के पायलट के तौर पर हम कमिटेड हैं, ईमानदारी से टैक्स चुकानेवाले देशभक्त नागरिक हैं। मैं यह बताने को मजबूर हूं कि लोकसभा और राज्यसभा के शीतकालीन सत्र पूरी तरह से बेकार गए क्योंकि आपके साथियों ने संसद चलने नहीं दिया।

लोकसभा की कार्यवाही में 92 घंटे तो काम बिल्कुल नहीं हो सका। ऐसा देखा गया कि संसद में नारे लगाने, पोस्टर दिखाने और कार्यवाही में बाधा पहुंचाने के खिलाफ बने नियमों का लगातार उल्लंघन किया जाता रहा। ये सब देखकर एयर इंडिया के कर्मचारी भी काफी दुखी हैं कि अन्य देशों की तुलना में हमारे देश के लिए नेताओं में कमिटमेंट की अभी भी बहुत कमी है।’

बोइंग 777 के पायलट शुभाशीष ने पत्र में लिखा कि संसद में जिस तरह का व्यवहार नेताओं ने किया, अगर यही एयर इंडिया के पायलट करते तो या तो सरकार उनको नौकरी से निकाल देती या कड़ी चेतावनी देती। उन्होंने लिखा, ‘इसलिए भारत के नागरिक और एयर इंडिया के कर्मचारी होने के नाते हम नेताओं से आशा करते हैं कि वे खुद में झांके और इस तरह से नेतृत्व करें कि वे उदाहरण बन सकें। वे हमें प्रेरित करें और वे इस प्रेरणा देने के काम में एयर इंडिया के कर्मचारियों के कमिटमेंट की बराबरी में आएं।’

रिपोर्टों के मुताबिक, तीन दिन पहले एयर इंडिया के कामकाज पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा था कि पिछले वित्तीय वर्ष में इसने बेहतर प्रदर्शन किया है। मंत्री ने कहा था कि और बेहतर करने की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। एक और सीनियर पायलट ने इस बारे में कहा, ‘एयरलाइन एक सर्विस इंडस्ट्री है।

मंत्री ने जो कमेंट किया है, उसको सुनकर हमें और पैसेंजर-फ्रेंडली बनने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य से देश के नेताओं की क्रेडिबलिटी काफी गिरी हुई है। इसलिए जब मंत्री ने हमारे कमिटमेंट पर सवाल खड़ा किया तो हममें से कई दुखी हुए क्योंकि हम सब देख रहे हैं कि नेता किस तरह का कमिटमेंट देश को दे रहे हैं।’

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