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मोदी को अदालत ही सज़ा देगी बरसर-ए‍-आम ( खुले आम) फांसी देने के रिमार्क पर कांग्रेस क़ाइदीन का रद्द-ए-अमल

चीफ़ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी के रिमार्कस के अगर वो गुजरात मुस्लिम कश फ़सादाद के ख़ाती ( दोषी) हैं तो उन्हें बरसर-ए‍-आम ( खुले आम) फांसी पर लटका दिया जाय इस पर शदीद ( शख्त) रद्द-ए-अमल ( प्रतिक्रिया) ज़ाहिर करते हुए कांग्रेस के मर्कज़ी वुज़

चीफ़ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी के रिमार्कस के अगर वो गुजरात मुस्लिम कश फ़सादाद के ख़ाती ( दोषी) हैं तो उन्हें बरसर-ए‍-आम ( खुले आम) फांसी पर लटका दिया जाय इस पर शदीद ( शख्त) रद्द-ए-अमल ( प्रतिक्रिया) ज़ाहिर करते हुए कांग्रेस के मर्कज़ी वुज़रा ( केंद्रीय मंत्री) ने कहा कि ये सब रिमार्कस असेंबली इंतिख़ाबात ( चुनाव) को ज़हन में रख कर किए जा रहे हैं ।

इस तरह के मुस्लिम कश क़त्ल-ए-आम की सज़ा यूं ही लफ़्ज़ी ब्यानात के ज़रीया नहीं दी जा सकती है । मुल्क का क़ानून जिस नौईयत की सज़ा देता है इस के मुताबिक़ मोदी के साथ इंसाफ़ होगा । वज़ीर-ए-क़ानून सलमान ख़ुरशीद ने कहा कि हम को उनके इंसाफ़ पर यक़ीन नहीं है इस मुल्क में जो क़ानून मौजूद है इस के मुताबिक़ फ़ैसला होगा ।

अदालतों में जिस तरह का मवाद पेश किया जा रहा है इस का फ़ैसला अदालतें करेंगी । वज़ीर फ़रोग़ इंसानी वसाइल कपिल सिब्बल ने कहा कि गुज़शता 18 साल में रियासत के चीफ़ मिनिस्टर के ख़िलाफ़ अगर एफ़ आई आर दर्ज नहीं किया गया है तो आख़िर आप उन्हें ख़ाती किस तरह क़रार देंगे और उन्हें फांसी पर किस तरह लटकाया जाएगा ।

सिब्बल ने कहा कि मोदी ने जिस तरह का ब्यान दिया है वो असेंबली इंतिख़ाबात को आमद नज़र रख कर है । वीरप्पा मोईली ने कहा कि मोदी का ये ब्यान ग़ैर ज़िम्मा दाराना है। अदलिया ( न्याय करने वाला महिकमा) का काम है कि वो अफ़राद को सज़ा देने के लिए क्या क़दम उठाया जाय ।

इस दौरान गुजरात के साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर केशू भाई पटेल ने नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ मुहिम शुरू करते हुए उन्हें राक्षस ( शैतान) क़रार दिया और कहा कि वो सिर्फ़ वोटों के लिए ज़िंदा हैं । रियासत ( राज्य) में आम आदमी की परेशानी के लिए मोदी ही ज़िम्मेदार हैं।

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