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मोदी ने आंसू पोंछे और तसल्ली दी…कहा हम हैं ना

पटना, 3 नवंबर: नरेंद्र मोदी ने पटना सीरियल ब्लास्ट में मारे गए छह लोगों के घर वालों के आंसू पोछे और मुस्तकबिल में हरमुम्किन मदद का भरोसा दिया, मौसम की खराबी की वजह से वे छह में से चार लोगों के घरवालों से मिले , और बाकी दो के घर वालों से

पटना, 3 नवंबर: नरेंद्र मोदी ने पटना सीरियल ब्लास्ट में मारे गए छह लोगों के घर वालों के आंसू पोछे और मुस्तकबिल में हरमुम्किन मदद का भरोसा दिया, मौसम की खराबी की वजह से वे छह में से चार लोगों के घरवालों से मिले , और बाकी दो के घर वालों से टेलीफोन पर बातचीत की |

मोदी ने इन्हे भरोसा दिया और फिक्र नकरने की बात कही | मोदी ने कहा कि मैं, बीजेपी के सभी लीडर आपके खानदान के मेम्बर हैं | आप लोगों को कुछ सोचने की जरूरत नहीं है | रियासती बीजेपी इन सभी लोगो को पांच-पांच लाख रुपये दे रही है |

मोदी की इस दौरे को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है उनके लिए सेक्युरिटी का सख्त इंतेज़ाम किया गया था | जिस तरह गांधी मैदान की रैली में पहली बार बम ब्लास्ट हुआ, उसी तरह यह भी पहला मौका रहा, जब दूसरे रियासत के किसी वज़ीर ए आला ने बिहार में मारे गए लोगों के घर जाकर उनके घर वालों को मुआवजे की अदायगी की|

कई सियासी पार्टी ने मोदी की इस मुहिम की मुखालिफत भी की|

मोदी के इस दौरे में कहीं भी जलसा मुनाकिद नहीं किया गया | वे उसी तरह इन लोगो के पास गए जैसे मुसीबत की घड़ी में कोई अपना आता है | बहरहाल, हफ्ते के दिन पटना से मोदी की सांत्वना यात्रा करीब दो घंटे देर से शुरू हुई | मौसम खराब था , धुंध की वजह से हेलीकाप्टर उड़ नहीं सकता था | मौसम की गड़बड़ी की वजह से ही वे गोपालगंज व सुपौल भी नहीं जा सके | उन्होंने फोन पर ही मुन्ना श्रीवास्तव की बेवा सुमा प्रिया से बात की और उसे हर मुम्किन मदद का भरोसा दिया |

उन्होंने सुपौल के भरत रजक के बेटे शंकर से भी फोन पर बात की | वे जहां भी गए, सबने उनसे नौकरी और जीने के लिए इक्तेसादी मदद देने की बात की | बीजेपी की तरफ से सबको पांच-पांच लाख रुपया दिया गया है |

मोदी सबसे पहले पटना के गौरीचक वाकेय् रामनारायण सिंह के रिहायशगाह पहुंचे | राजनारायण के घर वालों से मिलने के बाद कैमूर चले गए | कैमूर में विकास कुमार सिंह के घर वालों से मिलने के बाद वे गोपालगंज के लिए रवाना हुए, लेकिन वहां उनका हेलीकाप्टर नहीं उतर पाया |

सुपौल में भी यही हुआ, आखिर में उन्हें वापस पटना लौटना पड़ा. फिर वे बेगूसराय व नालंदा गए | हुंकार रैली में यहां के बिंदेश्वरी चौधरी व राजेश कुमार मारे गए थे |

कमोबेश इन सभी गांवों में मुल्क का वज़ीर ए आज़म कैसा हो, नरेंद्र मोदी जैसा हो, नरेंद्र मोदी जिंदाबाद वाले नारे गूंजे | नमो के साथ बिहार के साबिक नायब वज़ीर ए आला सुशील कुमार मोदी व विधानसभा में अपोजिशन के लीडर नंदकिशोर यादव भी इनके साथ साथ थे |

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