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मोदी से मेरी कभी दोस्ती नहीं थी , वो झूट बोल रहे हैं

मोदी के इंटरव्यू पर कांग्रेसी क़ाइद अहमद पटेल का रद्द-ए-अमल

मोदी के इंटरव्यू पर कांग्रेसी क़ाइद अहमद पटेल का रद्द-ए-अमल

दूरदर्शन पर मोदी के इंटरव्यू में मज़ीद शिद्दत पैदा होगई जबकि सोनिया गांधी के सियासी मुशीर अहमद पटेल ने बी जे पी के विज़ारत-ए-उज़मा के उम्मीदवार के उनसे क़रीबी ताल्लुक़ात के दावओं को बेबुनियाद और सफ़ैद झूट क़रार दिया। उन्होंने कहा कि उन से मुलाक़ात और दोस्ती के दावे मज़हकाख़ेज़ हैं।

ये एक सियासी स्टंट है ताकि इंतेख़ाबात के दौरान उलझन पैदा की जा सके। उन्होंने पेशकश की कि अगर चीफ़ मिनिस्टर गुजरात से किसी किस्म का फ़ायदा हासिल करने का कोई सबूत पेश किया जाये तो वो सियासी ज़िंदगी से दस्तबरदार होजाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी मोदी से उनके दफ़्तर या रिहायश गाह पर कभी मुलाक़ात नहीं की और ना उनसे कोई फ़ायदा हासिल किया है।

अहमद पटेल ने कहा कि मोदी भी ज़ुहराना पर उनके साथ उनकी क़ियामगाह पर उस वक़्त शरीक थे जबकि वो 1980 की दहाई में बी जे पी के जनरल सेक्रेटरी थे। लेकिन 2002 के गुजरात फ़सादाता के पहले या बाद में उनकी मोदी से कभी शख़्सी मुलाक़ात नहीं हुई। ज़ुहराना में शिरकत अच्छी दोस्ती की अलामत नहीं थी।

पटेल ने कहा कि कांग्रेस में मोदी के दोस्त कौन हैं और कौन नहीं हैं, वो नहीं जानते। अगर वो किसी को अपना क़रीबी दोस्त क़रार देते हैं तो इस का मक़सद इंतेख़ाबात के उरूज के दौरान सिर्फ़ उलझन पैदा करना है। उनकी तमाम बातें बेबुनियाद और मज़हकाख़ेज़ हैं। पटेल ने कहा कि मोदी के तबसरे पर कि वो उनके दोस्त थे, उन्हें हंसी आरही है।

ये सदाक़त से बहुत बईद है। वो कहते हैं कि हम ने एक दूसरे के मकान पर एक साथ खाना खाया है। सिर्फ़ एक बार जबकि वो बी जे पी के जनरल सेक्रेटरी थे, उन की क़ियामगाह पर मोदी की दोपहर के खाने में शरीक हुए थे जब वो पहली बार चीफ़ मिनिस्टर बने तो वो उन के टेलीफ़ोन कोल वसूल किया करते थे और अख़लाक़न उन का जवाब दिया करते थे।

दूरदर्शन पर मोदी के इंटरव्यू को संसर करने पर एक और तनाज़ा उठ खड़ा हुआ था। बी जे पी ने इल्ज़ाम आइद किया था कि हुकूमत के दबाओ की वजह से दूरदर्शन ने मोदी का इंटरव्यू संसर किया है। हुकूमत ने उसकी तरदीद करते हुए कहा कि प्रसार भारती एक आज़ाद इदारा है और दूरदर्शन के ज़ेर-ए-इंतेज़ाम है।

हुकूमत का इससे कोई लेना देना नहीं है। मोदी की जानिब से अपने इंटरव्यू में प्रियंका गांधी को अपनी बेटी जैसी क़रार देने पर बरहम प्रियंका गांधी ने कल कहा था कि वो राजीव गांधी की बेटी हैं। उनके वालिद मुल्क के लिए 20 साल क़बल हलाक किए गए थे, मोदी से उन का तक़ाबुल नामुनासिब है।

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