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मोदी हुकूमत क़ौमी ज़मानत रोज़गार स्कीम को ख़त्म…

सी पी एम ने आज नरेंद्र मोदी हुकूमत पर इल्ज़ाम आइद किया कि वो समाजी तहफ़्फ़ुज़ के मसाइल की एहमियत को घटाने या उन्हें ख़त्म करने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने कहा कि बी जे पी के इक़तिदार सँभालने के बाद अवाम का अच्छे दिनों का ख़ाब कड़वी गोल

सी पी एम ने आज नरेंद्र मोदी हुकूमत पर इल्ज़ाम आइद किया कि वो समाजी तहफ़्फ़ुज़ के मसाइल की एहमियत को घटाने या उन्हें ख़त्म करने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने कहा कि बी जे पी के इक़तिदार सँभालने के बाद अवाम का अच्छे दिनों का ख़ाब कड़वी गोलियों में तबदील कर दिया गया है।

पार्टी पोलीट ब्यूरो की रुक्न बृंदा करात ने अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि अच्छे दिनों का अवाम का जो ख़ाब बी जे पी और नरेंद्र मोदी ने इंतिख़ाबी मुहिम के दौरान दिखाया था अब कड़वी दवाई में तबदील होगया है। उन्होंने कहा कि ये मुनाफ़क़त की इंतिहा है।

करात ने देही तरक्कियात के वज़ीर नतन गडकरी को एक मकतूब रवाना करते हुए इल्ज़ाम आइद किया कि हुकूमत महात्मा गांधी क़ौमी देही ज़मानत रोज़गार क़ानून को या तो ख़त्म करना चाहती है या उसकी एहमियत घटाने के लिए कोशां है।

उन्होंने कहा कि एक ऐसी जमात जिसने इंतिख़ाबी मंशूर में अवाम से वादा किया था कि वो रोज़गार के मौक़े पैदा करेगी अब हुसूल रोज़गार के वाहिद ज़मानती क़ानून ( MNREGA ) को ही बरख़ास्त करने की तजवीज़ पर ग़ौर कर रही है।

हुकूमत पर ये इल्ज़ाम आइद करते हुए कि वो कॉरपोरेट शोबा के मुफ़ादात का तहफ़्फ़ुज़ करने हर मुम्किन इक़दामात कर रही है बृंदा करात और सीनियर सी पी ऐम लीडर हन्नान मिला ने कहा कि मोदी हुकूमत से स्टाक ऐक्सचेंज ख़ुश है लेकिन देही ग़रीब अवाम और क़ौमी ज़मानत रोज़गार स्कीम के तहत रोज़गार हासिल करने वाले अफ़राद ख़ुश नहीं हैं।

हन्नान मिला ने कहा कि चीफ़ मिनिस्टर राजिस्थान वसुंधरा राज्य संध्या ने पहले ही इस स्कीम के क़ानूनी पहलूओं को ख़त्म करने की शुरूआत करदी है।

उन्होंने वाज़िह कर दिया है कि वो मज़दूर मुख़ालिफ़ रवैया इख़तियार कर रही हैं और उन्हों ने लेबर क़वानीन में तबदीली करते हुए कारोबारी घरानों के मुफ़ादात का तहफ़्फ़ुज़ करने का अमल शुरू कर दिया है। बृंदा करात और हन्नान मिला ने यू पी ए की दूसरी मियाद की हुकूमत को भी तन्क़ीद का निशाना बनाया और कहा कि इस हुकूमत ने क़ौमी ज़मानत रोज़गार स्कीम को सिर्फ़ इक़तिसादी वजूहात तक महदूद कर दिया था और इसके लिए बजट में रक़म की फ़राहमी को कम कर दिया गया था।

बृंदा करात ने नतन गडकरी को अपने मकतूब में कहा कि ये भी हैरत की बात है कि इस स्कीम के तहत 15 दिन के अंदर जो उजरतें फ़राहम करना ज़रूरी है हुकूमत वो भी अदा नहीं कर रही है।

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