Thursday , October 19 2017
Home / Uttar Pradesh / मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी जमीन नहीं देंगे, बताने में लगे साढ़े चार साल

मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी जमीन नहीं देंगे, बताने में लगे साढ़े चार साल

रांची 26 जून : झारखंड में मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी का रिजनल सेंटर खोलने का ख्वाब फिलहाल पूरा नहीं हो सकेगा।रियासत हुकूमत की तरफ से यूनिवर्सिटी को जमीन फराहम नहीं करायी गयी है। गुजिस्ता चार साल, छह माह (कुल 1639 दिन) की तौविल

रांची 26 जून : झारखंड में मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी का रिजनल सेंटर खोलने का ख्वाब फिलहाल पूरा नहीं हो सकेगा।रियासत हुकूमत की तरफ से यूनिवर्सिटी को जमीन फराहम नहीं करायी गयी है। गुजिस्ता चार साल, छह माह (कुल 1639 दिन) की तौविल और बोरिंग अमल पूरी करने के बाद भी यूनिवर्सिटी को मजुजाह पांच एकड़ जमीन नहीं मिल पायी, जबकि इस दौरान मुख्तलिफ दफ्तरों में तकरीबन 55 टेबुलों से जमीन की मुन्ताक्ली से मुत्तालिक असल फायल गुजर चुकी है।

तवील अमल का नतीजा यह निकला कि गवर्नर के सलाहकार मधुकर गुप्ता की सलाह लेने के बाद जराअत और गन्ना तरक्की महकमा ने 27 मई 2013 को असल फायल (सं-5 स.भू/62/09) आमदनी और जमीं को बेहतर बनाने के महकमा को वापस कर दी।

दस्तयाब दस्तावेज के मुताबिक 29 जून 2009 से लेकर 26 मई 2013 तक फायल जराअत और गन्ना तरक्की महकमा में पड़ी रही। यूनिवर्सिटी का इलाकाई दफ्तर खोलने का मामला अधर में लटक गया। यूनिवर्सिटी का दफ्तर खुलने से उर्दू ज़ुबान तालिब इल्म को जो फायदा मिलनेवाला था, उससे वे महरूम हो गये।

TOPPOPULARRECENT