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यमन: दो बम बलास्ट , 40 से अधिक लोग मरे

ईडन : यमन के अस्थायी राजधानी ईडन में होने वाले दो बम विस्फोटों में कम से कम 41 लोग मारे गए हैं। मृतकों में ज्यादातर युवा शामिल हैं, जो सेना में भर्ती होना चाहते थे।

आज सुबह यमन के केंद्र में होने वाले दो बम विस्फोटों ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। जर्मन समाचार एजेंसी डी पी ए के अनुसार पहले हमलावर ने एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के घर को निशाना बनाया, जिससे इस घर के पास खड़े वे युवा मारे गए, जो सेना में भर्ती होने के इच्छुक थे और उनके नामों का प्रविष्टि जारी था। बताया गया है कि इस हमले में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी सुरक्षित है। इस अधिकारी नाम का खुलासा नहीं किया गया।

दूसरे हमले में सेना भर्ती करने वाले एक शिविर को सीधे निशाना बनाया गया। रिपोर्टों के अनुसार इन दो हमलों में कम से कम दो दर्जन लोग घायल हुए हैं जबकि मौतों में वृद्धि की भी आशंका है।

अभी तक अंतिम रूप मृतकों की संख्या का भी पता नहीं हो सका है और यह भी पता नहीं है कि यह हमले कीस लिए किए गए? अभी किसी भी समूह ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि ऐसा ही एक हमला पिछले सप्ताह भी हुआ था, जिस में 27 लोग मारे गए थे। यह हमला भी सैनिकों की भर्ती करने वाले एक शिविर पर किया गया था और बाद में उसकी जिम्मेदारी आईएस ने स्वीकार कर ली थी। पिछले कुछ महीनों में युद्धग्रस्त यमन में हुए कई हमलों की जिम्मेदारी आईएस स्वीकार कर चुकी है।

यमन में ईरान नवाज होसी विद्रोहियों और सऊदी अरब के इत्तेहदियों के बीच लड़ाई जारी है और आईएस इससे भरपूर फायदा उठा रही है। इससे पहले सन् 11 में राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह को विरोध प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप सत्ता से 33 साल बाद बेदखल कर दिया गया था, जिसके बाद से यह देश अराजकता का शिकार है। दूसरी ओर दक्षिण में फिर यमन से आजादी पाने के आंदोलन सिर उठा रही है। दक्षिण के अलगाववादी दक्षिण समाजवादी राज्य की स्थापना करना चाहते हैं। याद रहे कि राष्ट्रपति सालेह ने ही 1990 में दक्षिण यमन उत्तरी यमन से मिलाया था।

यमन का गठबंधन शुरू से ही संकट से जूझ रहा है। 1994 में यमन में खूनी गृहयुद्ध शुरू हुआ और उत्तरी यमन की सेना की जीत हुई। यही कारण है कि दक्षिण के लोग अब तक उत्तरी यमन वालों को काबिज समझते हैं। उधर यमन अल कायदा और आईएस आतंकवादी कृत्यों की वजह से भी प्रभावित हुआ है और अमेरिका अब तक वहाँ उनके खिलाफ हवाई कार्रवाई जारी रखे हुए है।

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